प्रयागराज से पुणे और कोलकाता के लिए जल्द शुरू होंगी सीधी विमान सेवाएं, हवाई नेटवर्क विस्तार को मिलेगी गति
प्रयागराज एयरपोर्ट को नए निदेशक नवनीत कुमार मिले हैं, जिनकी प्राथमिकता शहर के हवाई नेटवर्क का विस्तार करना है। जल्द ...और पढ़ें

प्रयागराज एयरपोर्ट के निदेशक नवनीत कुमार गुप्ता। जागरण
HighLights
लंबे इंतजार के बाद प्रयागराज एयरपोर्ट को पूर्णकालिक निदेशक मिल गए हैं
नवनीत कुमार के पदभार संभालने से शहर के हवाई नेटवर्क विस्तार की उम्मीद
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। लंबे इंतजार के बाद प्रयागराज एयरपोर्ट को पूर्णकालिक निदेशक मिल गए हैं। 25 वर्षों के व्यापक विमानन अनुभव और वैश्विक 'आईएपी' उपाधि से लैस नवनीत कुमार के पदभार संभालने से शहर के हवाई नेटवर्क विस्तार को नई गति मिलने की उम्मीद जगी है। दैनिक जारण से उन्होंने विशेष बातचीत की।
प्रश्न: बताैर निदेशक आपकी शीर्ष प्राथमिकता क्या है?
उत्तर: सबसे पहली प्राथमिकता प्रयागराज के हवाई नेटवर्क का विस्तार और घटती उड़ानों को वापस गति देना है। पहले रोजाना 17 उड़ानें थीं और साढ़े चार हजार से अधिक यात्री सफर करते थे, जो घटकर आधे से भी कम रह गए हैं। हमारा लक्ष्य उस पुरानी लय को हासिल कर संख्या को नए शीर्ष पर ले जाना है।
प्रश्न: किन नए शहरों के लिए उड़ानें शुरू करने की तैयारी है और एयरलाइंस से क्या बातचीत हुई?
उत्तर: यात्रियों के फीडबैक में कोलकाता, पुणे और बेंगलुरु के लिए जबरदस्त मांग सामने आई है। तीन प्रमुख एयरलाइंस कंपनियों के साथ सक्रिय बातचीत चल रही है और प्रस्ताव पर विचार जारी है। मंत्रालय को भी पत्राचार किया जा चुका है।
प्रश्न: रनवे और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े तकनीकी कार्यों की क्या स्थिति है?
उत्तर: हवाई पट्टी से जुड़े कुछ जरूरी कार्य सेना (वायुसेना) की देखरेख में चल रहे हैं। जैसे ही यह कार्य पूरा होगा, उसका सकारात्मक असर और तकनीकी बदलाव सीधे जमीन पर नजर आने लगेगा, जिससे बड़े विमानों के संचालन में भी आसानी होगी।
प्रश्न: प्रयागराज में कार्गो हब के विकास की क्या योजना है?
उत्तर: मौजूदा टर्मिनल बिल्डिंग में कार्गो का प्रस्ताव अभी व्यावहारिक नहीं है। एयरपोर्ट से सटी 68 एकड़ भूमि के अधिग्रहण और हस्तांतरण को लेकर प्रशासनिक बातचीत चल रही है। जमीन मिलते ही कार्गो हब का काम तेजी से शुरू होगा।
प्रश्न: नए टर्मिनल का उपयोग कब से शुरू होगा?
उत्तर: नई बिल्डिंग के संचालन से परिचालन खर्च में भारी बढ़ोतरी होगी। इसलिए यात्रियों का आवागमन अभी मौजूदा टर्मिनल से ही जारी रहेगा। माघ मेला और आगामी विधानसभा चुनावों के बाद चरणबद्ध तरीके से बड़े संरचनात्मक बदलाव जमीन पर उतारे जाएंगे। प्रयागराज देश की सांस्कृतिक पहचान है, यहां यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं और बेहतर कनेक्टिविटी देना हमारा संकल्प है।
