सरकारी बजट खपाकर गुजर गए सचिव, प्रधानी भी अब नहीं रही; कौन देगा प्रयागराज में गांवों के विकास का हिसाब?
प्रयागराज की 15 ग्राम पंचायतों में 2.24 करोड़ के विकास कार्यों में ऑडिट के दौरान 48 आपत्तियां मिली हैं। तत्कालीन ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर। सौजन्य- AI Generated
HighLights
एक दशक के अंदर 15 ग्राम पंचायतों में आडिट के दौरान लगी 48 आपत्तियां
2.24 करोड़ के कार्यों में मिलीं खामियां, कार्रवाई को लेकर दुविधा में अधिकारी
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। जिले की 15 ग्राम पंचायतों में करीब सवा दो करोड़ का विकास हुआ। तत्कालीन प्रधान व सचिवों ने बेरोकटोक सरकारी रकम खपाई। एक दशक में समय-समय पर इनका आडिट हुआ। सरकारी फाइलें पलटी गईं तो एक के बाद एक 48 खामियां मिलीं।
फिर भी विकास का लेखा-जोखा नहीं मिला
जिला लेखा परीक्षा अधिकारी कार्यालय की टीमों ने आपत्तियां लगाईं। खूब आदेश-निर्देश हुए और अफसरों के पत्र दौड़े। फिर भी विकास का लेखा-जोखा नहीं मिला। आखिर यह हिसाब दे भी तो कौन। तत्कालीन प्रधानों की प्रधानी रही नहीं। सचिव भी मृत्युलोक छोड़ अब दूसरी दुनिया में चले गए हैं।
पांच ब्लाकों में आडिट में गड़बड़ी सामने आईं थी
जनपद के पांच ब्लाकों की यह सभी ग्राम पंचायतें हैं, जहां आडिट के दौरान गड़बड़ी सामने आईं थीं। सबसे अधिक आठ ग्राम पंचायतें मऊआइमा ब्लाक की हैं। प्रतापपुर की चार तो फूलपुर, भगवतपुर और सैदाबाद ब्लाक की एक-एक ग्राम पंचायतें भी इनमें शामिल हैं। वित्तीय वर्ष 2014-15 से लेकर 2020-21 के बीच इन गांवों में विकास कार्य हुए थे। नाली, सड़क का निर्माण, स्कूलों का कायाकल्प और कहीं हैंडपंपों का रिबोर और मरम्मत कराई गई।
19 ग्राम पंचायतों के तत्कालीन सचिव अब नहीं रहे
आडिट हुआ तो 2.24 करोड़ के इन विकास कार्यों की पत्रावलियों से तमाम जरूरी दस्तावेज गायब मिले। आडिट विभाग दस्तावेजों के रूप में इसी खर्च का हिसाब मांग रहा है। 19 ग्राम पंचायतों के तत्कालीन सचिवों का निधन हो चुका है। वहीं एक गांव के तत्कालीन प्रधान अब नहीं रहे। आपत्तियों के सवाल पर मौजूदा सचिव भी हाथ खड़े कर रहे हैं। आलाधिकारी असमंजस में हैं कि किस पर कार्रवाई करें और किससे सवा दो करोड़ का राजस्व वसूले।
इन ग्राम पंचायतों से जुड़े हैं यह मामले
भगवतपुर के अहमदपुर पावन में 17.72 लाख, सैदाबाद के दुसौती में 8.40 लाख और फूलपुर के पाली में 82.85 लाख रुपये की गड़बड़ी सामने आई है। प्रतापुपर की बेला खास, नेवादा बेला, जंघई, बगदहा हवासाबाद, मऊआइमा के सकरामऊ, देवगलपुर, धरौता, सराय बादशाह, बांका जलालपुर, मदारी, सिसवां ग्राम पंचायत भी इनमें शामिल हैं।
इन ग्राम पंचायतों में संबंधित कार्यों का सत्यापन कराया जाएगा। कार्य पूर्ण मिलने पर आपत्तियां निस्तारण करा दी जाएंगी। अन्यथा, विधिक कार्रवाई होगी।
- हर्षिका सिंह, मुख्य विकास अधिकारी।
