नामांतरण के बाद भी मृतकों के नाम भेजा जा रहा गृहकर का बिल, प्रयागराज नगर निगम की लापरवाही से भवन स्वामी परेशान
प्रयागराज नगर निगम में नामांतरण के बावजूद गृहकर बिल मृतकों के नाम पर आ रहे हैं, जिससे भवन स्वामी परेशान ...और पढ़ें

प्रयागराज नगर निगम नामांतरण के बाद भी मृतकों के नाम से गृहकर भेज रहा है।
HighLights
अभिलेखों में नाम बदलने के बावजूद नहीं सुधर रही व्यवस्था
पुराने भवन स्वामियों के नाम पर बिल आने से लोग परेशान
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। नगर निगम में नामांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी गृहकर के बिलों में पुराने भवन स्वामियों के नाम नहीं बदल रहे हैं। मृतक के स्वामित्व वाले भवन का नामांतरण परिवार के सदस्यों के नाम होने के बावजूद उन्हीं के नाम बिल भेजे जा रहे हैं। पुराने नाम पर बिल जारी होना विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।
शहर में ऐसे कई भवन स्वामी हैं जिनकों इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। दारागंज निवासी महेश कुमार ने बताया कि पहले मकान उनकी माता के नाम था। उनके निधन के बाद नियमानुसार नामांतरण की प्रक्रिया पूरी कराई गई, लेकिन इसके बावजूद गृहकर का बिल अब भी माता के नाम से आ रहा है। इससे उन्हें परेशानी हो रही है।
इसी तरह राजापुर निवासी बृजेश कुमार ने बताया कि उनके पिता का निधन सात से आठ वर्ष पहले हो गया था। करीब दो वर्ष पहले मकान का नामांतरण कराया गया, लेकिन आज भी गृहकर का बिल पिता के नाम से ही भेजा जा रहा है।
नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी संजय ममगई ने बताया कि नामांतरण के बाद भी यदि मृतक के नाम से गृहकर का बिल आ रहा है तो भवन स्वामियों को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। खसरा में नाम दर्ज होने के बाद अभिलेखों में सुधार हो जाएगा।
