प्रयागराज में बनेगा भव्य वॉटर पार्क और फन सिटी, मिलेगा भरपूर मनोरंजन व लजीज व्यंजनों का स्वाद; तैराकी भी कर सकेंगे
प्रयागराज में जल्द ही एक विशाल वॉटर पार्क और फन सिटी का निर्माण होगा। इससे शहरवासियों को लखनऊ या कानपुर ...और पढ़ें

प्रयागराज में बनेगा वाॅटर पार्क और फन सिटी। जागरण आर्काइव
HighLights
लखनऊ व कानपुर की तर्ज पर विकसित करेगा नगर निगम
दो हेक्टेयर से अधिक जमीन पर विकसित होगा वॉटर पार्क
पीपीपी मॉडल पर निर्माण व संचालन की तैयारी की जा रही
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। गर्मी की छुट्टियों में वॉटर पार्क की सैर और पानी में अठखेलियों का आनंद लेने के लिए अब प्रयागराज के लोगों को दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। शहर में ही बच्चों से लेकर बड़ों तक के मनोरंजन के लिए वॉटर पार्क विकसित करने की तैयारी है। यहां लोग मौज-मस्ती करने के साथ तैराकी की बारीकियां भी सीख सकेंगे। नगर निगम ने इसके लिए दो हेक्टेयर से अधिक जमीन तलाशने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
10 करोड़ रुपये होंगे खर्च
स्मार्ट सिटी का दर्जा मिलने के बाद प्रयागराज में डॉग पार्क, सीनियर सिटिजन पार्क, ट्रैफिक पार्क और दिव्यांग पार्क जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं, लेकिन अब तक शहर में वाटर पार्क नहीं बन सका है। नगर निगम अब लखनऊ और कानपुर की तर्ज पर वाटर पार्क एवं फन सिटी विकसित करने की तैयारी में है। इसके निर्माण पर 10 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है।
अब लखनऊ या कानपुर नहीं जाना होगा
गर्मी के दिनों में बड़ी संख्या में लोग वाटर पार्क का आनंद लेने के लिए लखनऊ, कानपुर और मध्य प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों तक जाते हैं। शहर में यह सुविधा उपलब्ध होने से स्थानीय लोगों को मनोरंजन का नया विकल्प मिलेगा। साथ ही बच्चों और युवाओं को तैराकी सीखने का अवसर भी मिल सकेगा।
फूड कोर्ट में मिलेंगे देशभर के व्यंजनों के स्वाद
वाटर पार्क को केवल जलक्रीड़ा तक सीमित नहीं रखा जाएगा। यहां बच्चों और बड़ों के मनोरंजन के लिए विभिन्न संसाधन विकसित करने के साथ फूड कोर्ट भी बनाया जाएगा। इसमें देश के अलग-अलग राज्यों के व्यंजनों के स्टाल लगाने की योजना है। इसके लिए 40 से 50 स्टाल विकसित किए जा सकते हैं। इससे परिवार के साथ पहुंचने वाले लोगों को मनोरंजन के साथ खानपान का भी विकल्प मिलेगा।
शहर में अभी वाटर पार्क नहीं है। इसे विकसित करने पर विचार किया जा रहा है। जमीन नगर निगम की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि निजी फर्म निर्माण और संचालन करेगी। इसके लिए जमीन की तलाश जल्द शुरू हो गई है। आने वाले कुछ ही महीनों में वाटर पार्क को साकार रूप देने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
- दिनेश चंद्र सचान, मुख्य अभियंता नगर निगम, प्रयागराज।
