प्रयागराज की अनोखी रामलीला: एक रावण-दो श्रीराम, एक देते जीवनदान तो दूसरे करते हैं वध
प्रयागराज में दशहरा पर एक अनोखी रामलीला परंपरा निभाई जाती है। एक रावण दो रामलीला कमेटियों के श्रीराम से युद्ध ...और पढ़ें

प्रयागराज में एक रावण दो श्रीराम से करता है युद्ध। जागरण आर्काइव
HighLights
श्रीकटरा और श्रीदारागंज रामलीला कमेटी के श्रीराम करते हैं रावण से सामूहिक युद्ध
श्रीकटरा के भगवान नहीं करते रावण का वध, नाभि में अमृत जानकर हट जाते हैं पीछे
शरद द्विवेदी, प्रयागराज। त्रेता युग में मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम ने विजयादशमी (दशहरा) पर दस सिर वाले दंभी लंकापति रावण का वध करके पृथ्वी को अत्याचार से मुक्त कराया था। असीम शक्ति, प्रकांड विद्वता और वैभव के बावजूद अपने अहंकार के कारण रावण विनाश के पथ पर अग्रसर हुआ। अधर्म पर धर्म की विजय का पर्व दशहरा कल यानी मंगलवार को मनाया जाएगा।
सदियों पुरानी परंपरा आज भी कायम
रामलीला कमेटियां रावण के विशाल पुतले का दहन प्रभु श्रीराम से करवाएंगी। हर कमेटी रावण का विशाल पुतला बनवाती है। इसके इतर, तीर्थराज प्रयाग में दो रामलीला कमेटियां रावण के एक पुतले का दहन करती हैं। इसके पीछे रावण का महर्षि भरद्वाज का नाती होना है। सदियों पुरानी परंपरा आज भी कायम है।
...श्रीकटरा के श्रीराम युद्ध से पीछे हट जाते हैं
विजयादशमी पर श्रीदारागंज रामलीला कमेटी और श्रीकटरा रामलीला कमेटी के प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण राजसी वैभव से अलोपीबाग मैदान पहुंचते हैं। वहां दोनों कमेटियों के श्रीराम और रावण के बीच तीखा संवाद होता है। धनुष-बाण से युद्ध की लीला कराई जाती है। विभीषण जब श्रीराम को रावण की नाभि में अमृत होने की जानकारी देते हैं तो उसके बाद श्रीकटरा के प्रभु श्रीराम युद्ध से पीछे हट जाते हैं।
श्रीदारागंज के श्रीराम रावण का करते हैं वध
श्रीदारागंज के श्रीराम अपनी बाण से रावण वध करते हैं। वही, रावण के विशाल पुतले में आगे लगाकर उसका दहन करते हैं। इस परंपरा में श्रीकटरा के श्रीराम शामिल नहीं होते। पुतला दहन के बाद दोनों कमेटियों के प्रभु श्रीराम-लक्ष्मण और समस्त पदाधिकारी ब्रह्म हत्या का प्रायश्चित करने मां आलोपशंकरी मंदिर जाकर दर्शन-पूजन करते हैं।
कटरा मुहल्ले में रावण का ननिहाल मानते हैं
श्रीकटरा रामलीला कमेटी के अध्यक्ष सुधीर कुमार गुप्ता कक्कू के अनुसार महर्षि भरद्वाज का आश्रम कटरा मुहल्ला में है। रिश्ते में महर्षि भरद्वाज के रावण नाती थे। उस दृष्टि से कटरा उनका ननिहाल हुआ। इसी कारण कटरावासी उन्हें असुर के बजाय प्रकांड विद्वान, शिवभक्त और महान पराक्रमी मानते हुए वध नहीं करते। श्रीदारागंज रामलीला कमेटी के अध्यक्ष कुल्लू यादव कहते हैं दशहरा पर हमारी कमेटी के भगवान ही रावण का वध करते हैं।
