यूपी से केरल तक फैला है आतंकी नेटवर्क? प्रयागराज की किशोरी के मतांतरण की जांच में चौंकाने वाले खुलासे
प्रयागराज में एक नाबालिग लड़की का धर्मांतरण कराकर उसे जिहादी बनाने के प्रयास के मामले में पुलिस जांच कर रही है। गिरफ्तार दरकशा बानो के मोबाइल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया प्रोफाइल की पड़ताल की जा रही है। पुलिस को आतंकी मॉड्यूल की आशंका है और दरकशा के स्लीपिंग सेल होने की भी आशंका है। इस मामले में दिल्ली समेत कई राज्यों से जुड़े तार सामने आए हैं।

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। केरल में किशोरी का मतांतरण करवाकर जिहादी बनाने की कोशिश का मामला सामने आने के बाद पुलिस टीम आतंकी माड्यूल के सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। आतंकी कनेक्शन की आशंका के आधार पर सुरक्षा एजेंसियां भी अपने-अपने स्तर पर इनपुट जुटा रही हैं। गिरफ्तार की गई अभियुक्त दरकशा बानो के मोबाइल की काल डिटेल रिकार्ड को खंगाला जा रहा है।
उसके वाट्सएप पर इंटरनेट मीडिया प्रोफाइल की भी छानबीन की जा रही है। दरकशा के मोबाइल के डाटा का भी विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि आतंकी संगठन में शामिल होने का मजबूत साक्ष्य मिल सके।
पुलिस का कहना है कि अनुसूचित जाति की किशोरी के साथ जिस तरह की घटना हुई है। केरल में जिस तरह से उसका मतांतरण करवाया और फिर जिहादी बनाने के लिए ट्रेनिंग दी जा रही थी। इन तथ्यों के आधार पर माना जा रहा है कि प्रयागराज में आतंकी माड्यूल काम कर सकता है।
इतना ही नहीं, दरकशा के किसी आतंकी संगठन की स्लीपिंग सेल भी हो सकती है। इसको लेकर भी छानबीन की जा रही है। यह भी कहा गया है कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के सामने आरोपित दरकशा और कैफ ने कई जानकारी दी है। दोनों दिल्ली समेत कई राज्यों में संपर्क में रहने वालों का भी नाम बताया है।
उनके बयानों के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है, जिससे इस नेटवर्क में शामिल सभी लोगों की भूमिका और उनके काम करने के तरीकों का पता लगाया जा सके। दोनों अभियुक्तों के खिलाफ वैज्ञानिक साक्ष्य भी संकलित किया जा रहा है।
संगठित गिरोह की सदस्य है आरोपित लड़की
पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया पता चला है कि दरकशा बानो एक संगठित गिरोह की सदस्य है। वह गरीब और अनुसूचित जाति की लड़कियों को बहला-फुसलाकर, बेनवाश करके मतांतरण करवाती है। इसके बाद देश विरोधी, आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त करवाने का काम करती है।
गरीब लड़कियों को पैसे का लालच भी देती है। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि दरकशा ने कितने लड़कियों के साथ ऐसा किया है। लेकिन इस दिशा में भी पुलिस की जांच चल रही है। यह भी कहा गया है कि अभियुक्ता को पुलिस कस्टडी रिमांड (पीसीआर) पर लेकर भी पूछताछ की जाएगी।
केरल गई पुलिस, ताज की गिरफ्तारी पर खुलेंगे राज-
मुकदमे में नामजद अभियुक्त मो. ताज की गिरफ्तारी के लिए प्रयागराज पुलिस की एक टीम को केरल भेजा गया है। मो. ताज मूलरूप से प्रयागराज का ही रहने वाला है और वह दरकशा बानो की बहन का देवर है। पुलिस का कहना है कि मो. ताज की गिरफ्तारी पर आतंकी संगठन से जुड़े लोगों और नेटवर्क के बारे में कई अहम राज सामने आ सकते हैं। यह भी पता चल सकता है कि प्रयागराज से लेकर केरल तक किस तरह से नेटवर्क फैला हुआ है और इसमें कितने लड़के व लड़कियां काम कर रही हैं।
अनजान नंबर से काल करके दी गई धमकी-
पीड़िता की मां का यह भी आरोप है कि फूलपुर थाने में शिकायत करने के बाद उनके पास एक अनजान नंबर से काल आई। काल करने वाले ने अपना नाम नहीं बताया और जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौज की। साथ ही पूरे परिवार को लगातार जान से मारने की धमकी दी गई।
इससे किशोरी और उसका परिवार काफी डरा-सहमा हुआ है। पुलिस का कहना है कि मोबाइल नंबर के आधार पर धमकी देने वाले के बारे में पता लगाया जा रहा है। पीड़ित लड़की और उसके परिवार को सुरक्षा दी गई है। पीड़िता को फिलहाल वन स्टाप सेंटर में रखा गया है।
फूलपुर से पकड़ा गया था आतंकी वलीउल्ला-
किशोरी के साथ हुई घटना ने एक बार फिर फूलपुर सुर्खियों में आ गया। करीब दो दशक पहले फूलपुर से ही आतंकी वलीउल्ला की गिरफ्तारी हुई थी। प्रोफेसर वलीउल्ला को वाराणसी में हुए बम धमाके के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि प्रयागराज का आतंकियों से पुराना कनेक्शन रहा है।
कुछ साल पहले करेली से आतंकी जीशान समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था। जीशान ने पाकिस्तान के थट्टा में आतंकी गतिविधियों की ट्रेनिंग ली थी। उसने नैनी के एक पोल्टी फार्म में पाकिस्तानी असलहे रखे थे। इसके अलावा पटना में रैली के दौरान हुए धमाके के मामले में भी दो संदिग्ध आतंकियों को एनआइए ने गिरफ्तार किया था। उन पर जेलेटिन की छड़ सहित अन्य सामान की आपूर्ति का आरोप लगा था।
पीड़िता ने की है नौंवी तक की पढ़ाई
फूलपुर : पीड़ित लड़की निकट के एक स्कूल से नौंवी तक की पढ़ाई की है। उसकी एक बहन बड़ी और एक छोटी है। पीड़िता की मां पहले गांव में प्राथमिक विद्यालय में मध्यान्ह भोजन बनाने का काम करती थी, लेकिन पिछले एक माह से मनरेगा श्रमिक के रूप में काम रही है।
वह कभी-कभी गांव में फेरी लगाकर महिलाओं को चूड़ी भी बेचती है। पीड़िता के पिता की करीब आठ साल पहले मौत हुई थी। उसके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। उधर, आरोपिता दरकशा बानो के परिवार में पांच बहन व एक भाई है। उसके तीन बहनों का निकाह हो चुका है। भाई बहराइच में रहकर प्राइवेट नौकरी करता है।
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