प्रयागराज: नैनी औद्योगिक क्षेत्र का 58.44 करोड़ से होगा कायाकल्प 1 दिसंबर से दिखेगा नया स्वरूप
प्रयागराज के नैनी औद्योगिक क्षेत्र का 58.44 करोड़ रुपये की लागत से कायाकल्प किया जा रहा है। इस परियोजना में ...और पढ़ें

प्रयागराज में नैनी के औद्याेगिक क्षेत्र के मुख्य द्वार पर बनाया जा रहा गेट। जागरण
HighLights
नैनी के औद्योगिक क्षेत्र में 58.44 करोड़ रुपये से चल रहा कार्य
सड़क, जलापूर्ति, कचरा प्रबंधन, बिजली समेत अन्य सुविधाएं होंगी
राजेंद्र यादव, प्रयागराज। नैनी स्थित औद्योगिक क्षेत्र एक दिसंबर से नए लुक में नजर आएगा। उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) 58.44 करोड़ रुपये से यहां का कायाकल्प करवा रही है। अटल औद्योगिक अवसंरचना मिशन के तहत सड़क सुधार, जलापूर्ति, कचरा प्रबंधन और बिजली समेत अनेक सुविधाएं यहां मुहैया होगी। इससे जिला एक सशक्त औद्योगिक माडल के रूप में उभरेगा।
सड़कें उन्नत की जा रही हैं
नैनी स्थित औद्योगिक क्षेत्र 776.60 एकड़ में फैला है। परियोजना के तहत औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 2.6 किमी सड़कें उन्नत की जा रही हैं। दोनों तरफ चौड़े, इंटरलाकिंग फुटपाथ बनाए जा रहे हैं। वहीं, एक नया 200 मीटर गहरा ट्यूबवेल 400 मिमी व्यास की पाइप के साथ स्थापित हो रहा है। एक पंपिंग प्लांट भी लग रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में जलापूर्ति हो सकेगी।

डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड भी होगा
फुटपाथ, प्रवेश द्वार और मुख्य सड़कों पर कंक्रीट की स्लैब और बेंचें बनाई जा रही हैं। पुराने फील्ड हास्टल और सीएफसी भवन की मरम्मत भी जारी है। सुरक्षा के दृष्टिगत 18 सीसीटीवी कैमरे, दो ईवी चार्जिंग स्टेशन व दो डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लग रहे हैं। इससे यहां आने वाले लोगों को आवश्यक जानकारियां मिलेंगी।
खास-खास
2.6 किमी सड़कें हो रहीं उन्नत
200 मीटर गहरा ट्यूबवेल हुआ तैयार
96 एलईडी फसाड लाइट लग रहीं
34 सीसीटीवी कैमरे लगने लगे
855 स्ट्रीट लाइट लग रहीं।
प्रवेश द्वार को 96 एलईडी फसाड लाइट लगेगी
प्रवेश द्वार को 96 एलईडी फसाड लाइट्स द्वारा जगमगाएगा जाएगा। इसके अलावा 33 केवी ओवरहेड और 11 केवी अंडरग्राउंड लाइनों के माध्यम से इलेक्ट्रिकल केबल बिछाई जा रही है, जिससे उद्यमियों को उच्च गुणवत्ता की बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
855 स्ट्रीट लाइटें और आठ हाई मास्क लगेंगे
नई इंस्टालेशन में 855 स्ट्रीट लाइट्स, आठ हाई मास्ट्स, 242 सजावटी पोल और केबल शामिल हैं, जो रात के समय भी रोशनी प्रदान करेंगे। वहीं, 16 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे, एक ईवी चार्जिंग स्टेशन और दो डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड भी स्थापित किए जाएंगे।
उद्यमी बोले बेहतर होगी व्यवस्था
उप्र राज्य औद्योगिक संघ के अध्यक्ष अरविंद राय, नैनी इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष राजीव नैय्यर का कहना है कि 58.44 करोड़ रुपये से जो कार्य कराए जा रहे हैं, वह गुणवत्तापूर्ण तरीके से होने चाहिए, तभी इसका लाभ मिलेगा। लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष संजय जैन व महामंत्री विक्रम टंडन का कहना है कि निश्चित तौर पर जो कार्य हो रहे हैं, उसका लाभ उद्यमियों को मिलेगा, बशर्ते कार्य को बेहतर तरीके से करवाया जाए।
औद्योगिक क्षेत्र में चल रहा कार्य नवंबर के अंतिम सप्ताह तक पूरा कर लिया जाएगा। सड़कों पर कंक्रीट की स्लैब के साथ ही इंटरलाकिंग फुटपाथ, बेंचें बनाई जा रही हैं। पेयजल की व्यवस्था के साथ सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया जा रहा है। इसके अलावा अन्य कई कार्य भी कराए जा रहे हैं। इससे उद्यमियों को जहां लाभ मिलेगा, वहीं निवेशक भी आकर्षित होंगे।
एसएम पटेल, अधिशासी अभियंता, यूपीसीडा।
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प्रयागराज में नगर निगम के निर्माणाधीन जोनल कार्यालय का पोर्च गिरा, मलबे में दबकर एक व्यक्ति की मौत
खसरा की नकल लेने पहुंचे थे खुर्शीद, चंद सेकेंड में सिर पर आ गिरा पोर्च का हिस्सा
निर्माण की गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल, निगम के अधिकारियों पर भी लापरवाही का आरोप
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। शहर के लकड़ी मंडी खुल्दाबाद स्थित जोनल कार्यालय में गुरुवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब निर्माणाधीन दो मंजिला भवन का पोर्च अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा। मलबे की चपेट में आने से करेली स्थित जेके आशियाना निवासी 55 वर्षीय मोहम्मद खुर्शीद गंभीर रूप से घायल हो गए। कर्मचारी और आसपास के लोग उन्हें तत्काल कॉल्विन अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत बताया। हादसे ने निर्माणाधीन भवन की गुणवत्ता और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हादसे के दौरान लोगों की भीड़ थी
खुल्दाबाद जोनल कार्यालय में रोज बड़ी संख्या में लोग विभिन्न कार्यों के लिए पहुंचते हैं। गनीमत रही कि हादसा सुबह के समय हुआ, जब कार्यालय में अपेक्षाकृत कम भीड़ थी। दुर्घटना के दौरान पास के जोनल अधिकारी के कक्ष में रखा लैपटाप,मेज और चेयर भी क्षतिग्रस्त हो गया। कक्ष में खून फैल गया और कुछ देर के लिए कार्यालय में कामकाज ठप हो गया। काम करने वाले कर्मचारी मौके से नदारद हो गए।
हादसे में बाल-बाल बचा कर्मचारी
कर्मचारियों के अनुसार, खुर्शीद सुबह करीब 11 बजे बाइक से खसरा की नकल लेने जोनल कार्यालय पहुंचे थे। वह करीब 10 मिनट तक लिपिक प्रवीण के पास खड़े रहे। इसी बीच प्रवीण बाथरूम चले गए उनके बाहर निकलने के चंद सेकेंड बाद ही निर्माणाधीन भवन के पोर्च का एक हिस्सा टूटकर नीचे सिमेंटेड चद्दर वाले कार्यालय पर जा गिरा। पोर्च का भारी हिस्सा खुर्शीद के सिर पर लगा और वह लहूलुहान होकर फर्श पर गिर पड़े। कर्मचारी सौरभ समेत अन्य लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।
नौ करोड़ से बन रहा भवन, निर्माण पर सवाल
पुराने कार्यालय के पास करीब नौ करोड़ रुपये की लागत से नए जोनल कार्यालय भवन का निर्माण कराया जा रहा है। मेसर्स मोहम्मद अलीम को इसका ठेका दिया गया है। निर्माण कार्य चार मई से शुरू हुआ था और आठ सितंबर तक पूरा करने की समयसीमा निर्धारित थी। कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के अनुसार अभी करीब 70 प्रतिशत ही काम पूरा हो सका है।
...तो 24 घंटे में ही लिंटर की खोल दी थी शटरिंग
लोगों का आरोप है कि पोर्च का लिंटर ढालने के महज 24 घंटे बाद ही उसकी शटरिंग खोल दी गई थी। इसी को लेकर निर्माण की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों के पालन पर सवाल उठ रहे हैं। जोनल अधिकारी नीरज सिंह का कहना है कि निर्माण के दौरान की गई लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ।
