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प्रयागराज में झूंसी के HRI में फिर घुसा तेंदुआ, CCTV कैमरे में कैद हुई तस्वीर; दहशत का माहौल

By Surya Prakash Tiwari Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Thu, 08 Oct 2026 04:11 PM (IST)

प्रयागराज के झूंसी स्थित हरीशचंद्र अनुसंधान संस्थान (HRI) में एक साल बाद फिर तेंदुआ घुस आया है, जिसकी तस्वीरें सीसीटीवी ...और पढ़ें

HighLights

  1. तेंदुआ दिखने के बाद हरीशचंद्र अनुसंधान संस्थान के शोधार्थियों व आसपास के सहमे लोग

  2. वन विभाग की टीम पहुंची, छतनाग स्थित संस्थान में पिछले साल भी फैलाई थी दहशत

संवाद सहयोगी, जागरण, झूंसी (प्रयागराज)। करीब एक साल बाद छतनाग स्थित हरीशचंद्र अनुसंधान (एचआरआई) संस्थान में फिर तेंदुआ घुस आया है। बुधवार की भोर कर्मचारियों ने यहां तेंदुआ को देखा था। उसकी तस्वीरें भी सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गईं हैं। संस्थान के शोधार्थियों व वैज्ञानिक ही नहीं आसपास की दूसरी बस्तियों के लोगों की जान भी खतरे में है।

HRI में वैज्ञानिक और शोधार्थी रहते हैं

शहर से सटे इस संस्थान में देश के कई राज्यों व शहरों के वैज्ञानिक और शोधार्थी रहते हैं। इसके अलावा तमाम कर्मचारियों के भी आवास हैं। पिछले साल भी अक्टूबर में यहां तेंदुआ आया था। इसके बाद वन विभाग ने चार पिंजरे लगाए थे। जगह-जगह नाइट विजन कैमरे लगाए गए थे, लेकिन तेंदुआ वन विभाग के हाथ नहीं आया था।

सीसीटीवी फुटेज में नजर आया तेंदुआ 

बुधवार की भोर में संस्थान कर्मचारियों की नजर तेंदुआ पर पड़ी तो वह कांप उठे। उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई। वन विभाग के डिप्टी रेेंजर सत्येंद्र चौधरी भी पहुंचे। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई, जिसमें तेंदुआ नजर आ गया। वह परिसर के अंदर ही टहल रहा था। सिर्फ एचआरआई ही नहीं, बल्कि छतनाग, उस्तापुर-महमूदाबाद सहित आस-पास के दूसरे इलाकों में भी लोग दहशत में हैं।

घरों से निकलने से डर रहे लोग 

अब लोग घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर शोधार्थियों को भी सतर्क किया गया है। रात के वक्त आने-जाने से बचने के लिए कहा गया है। फूलपुर के रेंजर लक्ष्मीकांत दुबे ने बताया कि परिसर में लगे पिंजरों को मांस रखकर फिर से सक्रिय किया जा रहा है।

पिंजरा ले गई वन विभाग की टीम

सैदाबाद के ऊष्मापुर में तेंदुआ दिखने पर एक सप्ताह पहले वन विभाग ने पिंजरा लगाया था। इसमें बांधने के लिए ग्रामीणों ने चंदा लगाकर बकरा खरीदा था। करीब एक सप्ताह तक पिंजरा लगा रहा। तेंदुआ तो फंसा नहीं। उल्टे ग्रामीणों को ही बकरे की देखभाल करनी पड़ रही थी। इसलिए, लोग भी अतिरिक्त जिम्मेदारी से ऊब चुके थे। हंडिया के मो. इमरान खान ने बताया कि पिंजरा हटा लिया गया है। बकरे का पैसा पहले ही ग्रामीणों को दे दिया गया था। अब बकरा भी लोगों को वापस कर दिया गया है।

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