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Indian Railways : स्टेशन मास्टर भर्ती के बदले नियम, अब दो नहीं सिर्फ एक होगी लिखित परीक्षा; लाखों युवाओं को मिली सहूलियत

By Amarish Kumar Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Thu, 08 Oct 2026 02:56 PM (IST)

भारतीय रेलवे ने स्टेशन मास्टर भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है, अब दो की जगह केवल एक लिखित परीक्षा ...और पढ़ें

रेलवे बोर्ड ने स्टेशन मास्टर पद की भर्ती प्रक्रिया को सरल बनाया है।

रेलवे बोर्ड ने स्टेशन मास्टर पद की भर्ती प्रक्रिया को सरल बनाया है।

HighLights

  1. सभी जोनल रेलवे जीएम व आरआरबीअध्यक्षों को पत्र जारी किया

  2. रेलवे बोर्ड ने चयन प्रणाली को सरल और तेज बनाने का निर्णय लिया 

अमरीश मनीष शुक्ल, प्रयागराज। भारतीय रेलवे में स्टेशन मास्टर बनने का सपना देख रहे देशभर के लाखों युवाओं के लिए बड़ी खबर है। रेलवे बोर्ड ने स्टेशन मास्टर पद की भर्ती प्रक्रिया में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए चयन प्रणाली को पहले से कहीं अधिक सरल और तेज बनाने का निर्णय लिया है।

वर्ष 2026 से लागू होने वाले इन नए दिशा-निर्देशों के तहत अब स्टेशन मास्टर पद के लिए अलग से भर्ती निकाली जाएगी। साथ ही, वर्षों से चली आ रही दो लिखित परीक्षाओं की बाध्यता को समाप्त कर अब केवल एक ही लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी।

रेलवे बोर्ड के स्थापना निदेशक (आरआरबी) चंद्र मोहियार बाथला की ओर से सभी जोनल रेलवे के महाप्रबंधकों (कार्मिक) और रेलवे भर्ती बोर्डों (आरआरबी) के अध्यक्षों को इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी कर दिया गया है।

पहले क्या थी व्यवस्था

अब तक स्टेशन मास्टर पद की भर्ती गैर-तकनीकी लोकप्रिय श्रेणियों यानी एनटीपीसी (NTPC) की संयुक्त भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत की जाती थी। इसमें अन्य ग्रेजुएट स्तर के पदों के साथ स्टेशन मास्टर का भी चयन होता था। अभ्यर्थियों को सबसे पहले कंप्यूटर आधारित पहली परीक्षा (सीबीटी-1) देनी होती थी। उसमें सफल होने के बाद मुख्य लिखित परीक्षा (सीबीटी-2) से गुजरना पड़ता था। दूसरे चरण के बाद चयनित अभ्यर्थियों का साइको यानी कंप्यूटर आधारित एप्टीट्यूड टेस्ट (सीबीएटी) लिया जाता था। कई चरणों और लाखों आवेदकों की भीड़ के चलते इस भर्ती प्रक्रिया को अंतिम मुकाम तक पहुंचने में दो से तीन साल का समय लग जाता था, जिससे युवाओं का लंबा इंतजार करना पड़ता था।

अब क्या हुआ है बदलाव

रेलवे बोर्ड के ताजा आदेश के अनुसार, वर्ष 2026 से स्टेशन मास्टर पद के लिए केंद्रीयकृत रोजगार अधिसूचना (सीईएन) अलग से जारी होगी। नई व्यवस्था में सीबीटी-1 और सीबीटी-2 की दोहरी व्यवस्था खत्म कर दी गई है। अब अभ्यर्थियों को केवल एक ही ऑनलाइन लिखित परीक्षा (सिंगल स्टेज सीबीटी) देनी होगी। इस लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर रिक्तियों के आठ गुना अभ्यर्थियों को कंप्यूटर बेस्ड एप्टीट्यूड टेस्ट (साइको टेस्ट) के लिए बुलाया जाएगा। साइको टेस्ट केवल पास करना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि अंतिम मेरिट में इसके अंक भी जुड़ेंगे। अंतिम चयन सूची तैयार करते समय लिखित परीक्षा को 70 प्रतिशत और साइको टेस्ट को 30 प्रतिशत का वेटेज दिया जाएगा। इसके बाद 1:1 के अनुपात में अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल जांच के लिए बुलाया जाएगा।

कैसा होगा नया परीक्षा पैटर्न

एकल लिखित परीक्षा कुल 100 अंकों की होगी, जिसके लिए अभ्यर्थियों को 120 मिनट यानी 2 घंटे का समय दिया जाएगा। बोर्ड ने परीक्षा के पूरे पाठ्यक्रम को तीन प्रमुख हिस्सों में विभाजित किया है। 

बेसिक साइंस, गणित एवं डेटा विश्लेषण (कुल 60 अंक): इसमें 30 अंक बेसिक साइंस और मैथमेटिक्स के होंगे, जिसमें संख्या पद्धति, अनुपात, प्रतिशत, कार्य-समय, बीजगणित, त्रिकोणमिति, गति, ऊर्जा, विद्युत और सरल यंत्रों से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे। शेष 30 अंक डेटा एनालिसिस व इंटरप्रिटेशन के होंगे, जिसमें टेबल, ग्राफ, पाई चार्ट, वेन डायग्राम और डेटा सफिशिएंसी आधारित सवाल रहेंगे।

लॉजिकल कैपेबिलिटी (कुल 20 अंक): इसके अंतर्गत बाइनरी लॉजिक, सिलोगिज्म, घड़ी, कैलेंडर, ब्लड रिलेशन व पहेलियों के अलावा अंग्रेजी भाषा के रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन (अपठित गद्यांश) पर आधारित प्रश्न पूछे जाएंगे।

मेंटल रीजनिंग (कुल 20 अंक): इसमें एनालॉजी, सीरीज कंप्लीशन, कोडिंग-डिकोडिंग, रैंकिंग और बैठने की व्यवस्था (सिटिंग अरेंजमेंट) पर आधारित सवाल शामिल होंगे।

पात्रता और अन्य शर्तें

इस पद के लिए शैक्षणिक योग्यता किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (ग्रेजुएशन) रखी गई है। सामान्य तौर पर आयु सीमा 20 से 33 वर्ष निर्धारित की गई है, जिसमें नियमानुसार तीन वर्ष की छूट शामिल है। सातवें वेतन आयोग के अनुसार चयनित अभ्यर्थियों को लेवल-6 (मूल वेतन ₹35,400) का वेतनमान मिलेगा। स्टेशन मास्टर के पद पर सुरक्षा और ट्रेनों के सुचारू संचालन का भारी जिम्मा होता है, इसलिए इसका मेडिकल स्टैंडर्ड सख्त ''ए-2'' तय किया गया है। इस मानक के तहत शारीरिक और विशेषकर आंखों की पूर्ण स्वस्थता अनिवार्य होती है, जिसके कारण दिव्यांग श्रेणी (PwBD) के अभ्यर्थी इस पद के लिए पात्र नहीं होंगे।

रेलवे बोर्ड का निर्देश 

रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को निर्देश दिया है कि वे अपनी स्वीकृत सीमा के अनुसार खाली पदों का मांग पत्र ओआईआरएमएस (OIRMS) पोर्टल पर तुरंत दर्ज करें, जिसके बाद रिक्तियों की आधिकारिक संख्या के साथ विस्तृत विज्ञापन जारी किया जाएगा।

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