प्रयागराज में रेलवे क्रासिंग के बगल बिजली लाइनें भूमिगत होंगी, 2.71 करोड़ से सुरक्षित होंगे 12 इलाके
प्रयागराज में रेलवे क्रासिंग के पास की 12 बिजली लाइनों को 2.71 करोड़ रुपये की लागत से भूमिगत किया जाएगा। ...और पढ़ें

रेलवे क्रासिंग के बगल की बिजली लाइनें भूमिगत होंगी।
HighLights
आंधी में तेज हवा चलने से तार टूटने का रहता था खतरा
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड का बिजनेस प्लान
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड द्वारा बिजनेस प्लान के तहत रेलवे क्रासिंग के ठीक बगल से गुजरने वाली बिजली लाइनों को भूमिगत किया जाएगा। इसके लिए 12 स्थानों को चिह्नित किया गया है। इसके लिए 2.71 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च होगी। विभागीय अधिकारियों द्वारा यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है कि ताकि आंधी के समय तार टूटने पर किसी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे।
शहर के इन स्थानों पर भूमिगत होगी केबल
शहर में कई रेलवे क्रासिंग के ठीक बगल बिजली के तार लगे हुए हैं। इसे लंबे समय से भूमिगत किए जाने की बात कही जा रही है। बिजनेस प्लान 2026-27 के तहत इसे भूमिगत करने का निर्णय लिया गया है। सीएमपी, बैरहना, गोहरी, महावीरपुरी कालोनी, एमईएस चौराहा, हाशिमपुर रोड, पुरा गड़ेरिया, काटजूबाग, तेलियरगंज, न्यू फाफामऊ समेत कई रेलवे क्रासिंग के ठीक बगल लगे बिजली के तारों की जगह भूमिगत केबल बिछाई जाएगी।
नवंबर से शुरू होगा काम
33 केवी की सात क्रासिंग पर करीब 200-200 मीटर भूमिगत केबल बिछाने पर 1.75 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। जबकि 11 केवी की पांच क्रासिंग पर पुरानी, क्षतिग्रस्त या कम क्षमता वाली केबल हटाकर करीब 350-350 मीटर नई भूमिगत केबल बिछाई जाएगी। इस पर 96 लाख रुपये खर्च होंगे। मुख्य अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि रेलवे क्रासिंग के बगल से गुजरी बिजली की लाइनों को भूमिगत करने का काम नवंबर से चालू होगा।
कबूतर व गिलहरी से बिजली बाधित हुई
रामबाग उपकेंद्र से संबंधित मलाकराज मुहल्ले में मंगलवार दोपहर कबूतर 11 केवी लाइन पर बैठ गया। इस दौरान शार्ट सर्किट हुआ और फिर करीब 100 घरों की बिजली गुल हो गई। शार्टसर्किट से कबूतर की भी मौत हो गई। मौके पर पहुंचे कर्मचारियों ने मरम्मत कार्य किया, तब जाकर डेढ़ घंटे बाद आपूर्ति बहाल हुई। उधर, कानपुर रोड उपकेंद्र से संबंधित चौफटका के पास केबल बाक्स में गिलहरी घुस गई, जिससे शार्ट सर्किट से गिलहरी की जान चली गई, साथ ही बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई। कर्मचारियों ने मृत गिलहरी को हटाकर जले तारों को ठीक किया, तब एक घंटे बाद बिजली चालू हुई। इसी प्रकार दारागंज, झलवा, मीरापुर, ककरहा घाट, अटाला, सोहबतियाबाग, दरियाबाद, एलनगंज, छोटा बघाड़ा मुहल्ले में भी तकनीकी खराबी से एक से दो घंटे तक आपूर्ति प्रभावित रही।
