विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

प्रयागराज मंडल में 2000 स्कूल-कॉलेजों ने OBC छात्रवृत्ति के 4798 आवेदन किए निरस्त, 70% एप्लीकेशन रिजेक्ट क्यों?

By Surya Prakash Tiwari Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Thu, 05 Nov 2026 01:19 PM (IST)

प्रयागराज मंडल में पिछड़ा वर्ग के 4798 छात्रवृत्ति आवेदन निरस्त किए गए हैं। इसका मुख्य कारण एक ही श्रेणी के कोर्स में दोबारा आवेदन और 75% से कम उपस्थिति रही।

प्रयागराज, प्रतापगढ़, कौशांबी व फतेहपुर में 2000 स्कूल-कॉलेजों ने छात्रवृत्ति के 70% एप्लीकेशन रिजेक्ट किए।

प्रयागराज, प्रतापगढ़, कौशांबी व फतेहपुर में 2000 स्कूल-कॉलेजों ने छात्रवृत्ति के 70% एप्लीकेशन रिजेक्ट किए।

HighLights

  1. किसी ने एक ही श्रेणी के कोर्स में दोबारा भरा फार्म तो किसी छात्र की उपस्थिति बनी योजना में बाधक

  2. प्रयागराज, प्रतापगढ़, कौशांबी व फतेहपुर में 2000 विद्यालय, कॉलेज व अन्य शैक्षिक संस्थान

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। एक ही श्रेणी के कोर्स पर छात्रवृत्ति के लिए सिर्फ एक ही बार आवेदन होता है। उदाहरण के लिए किसी छात्र ने बीएससी के प्रथम वर्ष में छात्रवृत्ति के लिए फार्म भरा। दूसरे साल उसने बीए में प्रवेश ले लिया और छात्रवृत्ति का आवेदन कर दिया। ऐसे उसका आवेदन निरस्त ही होगा, भले ही उसे पहले साल छात्रवृत्ति मिली हो या नहीं।

प्रयागराज मंडल में ये हैं चार जिले

प्रयागराज मंडल के चारों जनपदों में छात्रवृत्ति के लिए आए पिछड़ा वर्ग के 4798 आवेदन कॉलेजों ने निरस्त कर दिए। इनमें से 70 प्रतिशत आवेदन निरस्त होने के पीछे यही कारण रहा। मंडल के प्रयागराज, प्रतापगढ़, कौशांबी और फतेहपुर जनपद में करीब दो हजार विद्यालय, कॉलेज व अन्य शैक्षिक संस्थान हैं।

छात्रवृत्ति आवेदन लेने की प्रक्रिया 13 नवंबर तक

अगस्त से शुरू हुई छात्रवृत्ति आवेदन की प्रक्रिया 13 नवंबर तक चलनी है। 15 नवंबर तक शैक्षिक संस्थानों को इन्हें अग्रसारित करना है। चारों जनपदों में पिछड़ा वर्ग में प्री मैट्रिक (कक्षा- नौ और 10) के 94280 विद्यार्थियों फार्म भरे हैं।

प्री मैट्रिक के 1918, पोस्ट के 2871 आवेदन निरस्त

पोस्ट मैट्रिक (कक्षा 11 व 12 और उससे ऊपर की कक्षा) के 2,31,102 आवेदन आए हैं। प्री मैट्रिक के 91926 और पोस्ट मैट्रिक के 2,24,630 के आवेदन शैक्षिक संस्थानों ने अग्रसारित किए हैं। प्री मैट्रिक के 1918 और पोस्ट मैट्रिक के 2871 आवेदन शैक्षिक संस्थाओं ने निरस्त कर दिए। आवेदन निरस्त होने के पीछे सिर्फ एक ही श्रेणी (सेम लेबल) के कोर्स की वजह नहीं बने, बल्कि कम उपस्थिति भी इसका कारण थी।

75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य

छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। तमाम आवेदन ऐसे आए थे, जिनमें उपस्थिति 50 फीसद भी नहीं थी। उपनिदेशक एलएम मौर्य ने बताया कि जो आवेदन निरस्त हुए हैं, वह योजना के मानकों पर खरे नहीं उतर रहे थे।

कितनी मिलती है छात्रवृत्ति?

कक्षा - छात्रवृत्ति (रुपये)

नौ और 10 - 2250
11 और 12 - 2760
बीए और बीएससी - 3600
एमए और एमएससी - 4240

कितनी मिलती है शुल्क प्रतिपूर्ति?

कक्षा - शुल्क प्रतिपूर्ति (रुपये)

12वीं - 265
बीए, बीएससी, बी-काम - अधिकतम पांच हजार
प्रोफेसनल और टेक्निकल कोर्स - 10 हजार से लेकर 50 हजार तक।

नोट- ये आंकड़े लगभग में हैं। कोर्स व स्कूल के हिसाब से छात्रवृत्ति निर्धारित होती है।

यह भी पढ़ें- प्रयागराज में लगभग बन चुके सिक्स लेन पुल की खूबियां: आधुनिक तकनीक का बेजोड़ नजारा, तकनीक ऐसी कि खराबी पर तुरंत पता चलेगा

यह भी पढ़ें- दीवाली पर यात्रा मुश्किल: ट्रेन-फ्लाइट के बाद अब बसों में भी 'नो रूम', निजी वोल्वो व स्लीपर में किराया दोगुना 

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।