तेंदुआ से प्रयागराज के 50 गांवों में दहशत, वन विभाग को चकमा दे रहा, पग चिह्न नहीं तलाश कर पा रहे वनकर्मी
प्रयागराज के गंगापार क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों में तेंदुआ की दहशत है। वन विभाग सीसीटीवी में दिखने के बावजूद उसके पग चिह्न नहीं ढूंढ पा रहा है।

प्रयागराज में गंगापार के हंडिया इलाके के एक गांव में चारपाई पर सो रहे लोगों के बगल से जाता तेंदुआ। वीडियो ग्रैव
HighLights
वीडियो में साफ दिख रहे जानवर की आने-जाने के रास्तों को तलाश नहीं पा रहे अधिकारी
गंगापार में बहादुरपुर, सैदाबाद और हंडिया के कई गांवों में लगातार तेंदुआ देखा जा रहा है
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। गंगापार के करीब 50 से अधिक गांवों में दहशत का पर्याय बना तेंदुआ लगातार वन विभाग को चकमा दे रहा है। जागरूकता के ढोल पीट रहा वन विभाग अब तक तेंदुआ के पग चिह्न भी नहीं तलाश सका। सीसीटीवी फुटेज में तेंदुआ दौड़ता-भागता और घूमता दिखता है। हालांकि अधिकारियों को उसके पैरों के निशान नहीं नजर आ रहे हैं।
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ था तेंदुआ
गंगापार में बहादुरपुर, सैदाबाद और हंडिया के कई गांवों में लगातार तेंदुआ देखा जा रहा है। बीते दिन भी हंडिया के टेला की ठकुरान बस्ती में एक घर के दरवाजे से गुजरते हुए उसकी तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी। पहली बार नहीं हुआ है, बल्कि पिछले करीब छह महीने से ऐसा ही चल रहा है। तेंदुआ की जारी हुई तस्वीरों के आधार पर विशेषज्ञ उसकी उम्र करीब ढाई से तीन साल आंक रहे हैं।
तेंदुआ लगातार अपनी जगह बदल रहा
विशेषज्ञ बताते हैं कि तेंदुआ का अगर सुरक्षित ठिकाना मिल जाए तो फिर वह इधर-उधर भटकता नहीं है। तेंदुआ तीन से चार किलोमीटर के दायरे में ही रहता है। गंगापार में दिख रहा तेंदुआ लगातार अपनी जगह बदल रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि अब भी तक उसे सुरक्षित ठिकाना नहीं मिला है।
लोगों को किया जा रहा सतर्क
उधर, विभाग ने अभी तक तेंदुआ को रेस्क्यू करने वाले विशेषज्ञों से भी संपर्क नहीं किया है। हंडिया रेंज के रेंजर मो. इमरान खान ने कहा कि तेंदुआ के पग चिह्न नहीं मिल रहे हैं। जब तक पैरों के निशान नहीं मिलते, विशेषज्ञों को नहीं बुलाया जा सकता। फिलहाल, सुरक्षा के नजरिए से लोगों को सतर्क किया जा रहा है।
