साइबर अपराधियों ने महिला डॉक्टर को मुंबई से किया था डिजिटल अरेस्ट, हार्डवेयर दुकानदार गिरफ्तार
मुंबई से महिला डॉक्टर को डिजिटल अरेस्ट कर 1.78 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य हार्डवेयर दुकानदार आयुष अवस्थी को प्रयागराज पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

प्रयागराज के पुलिस लाइंस स्थित त्रिवेणी सभागार में आरोपित को मीडिया के सामने पेश करते पुलिस कर्मी। जागरण
HighLights
दो अभियुक्त अभी भी फरार, तलाश को लगाई गई टीम
ठगी के 64.62 लाख फ्रीज, मोबाइल, चेकबुक बरामद
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। साइबर अपराधियों ने मुंबई से महिला डॉक्टर व पूर्व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) किरण को डिजिटल अरेस्ट करके एक करोड़ 78 लाख 60 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी की थी। साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने ठगी में शामिल लखीमपुर खीरी के नीमगांव, सिकंदराबाद निवासी हार्डवेयर दुकानदार आयुष अवस्थी को गिरफ्तार करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह का राजफाश किया है।
आयुष के नाम 40 लाख की बीमा पालिसी, साढ़े 24 लाख रुपये रुपये खाते में जमा रकम को फ्रीज कराया है। दो मोबाइल, एक चेकबुक बरामद की गई है। मामले में अभी सिकंदराबाद नीमगांव का ही निशांत त्रिवेदी और पीलीभीत के पूरनपुर, दुधियाखुर्द बंजरिया का राजन शुक्ला फरार है। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीम बनाई गई है।
डीसीपी साइबर क्राइम सोनम कुमार, एडीसीपी पुष्कर वर्मा ने सोमवार शाम पुलिस लाइन सभागार में अभियुक्त आयुष को मीडिया के सामने पेश किया। बताया कि जार्जटाउन निवासी पूर्व सीएमएस किरण के पास 26 अगस्त 2026 को ब्लूडार्ट कोरियर कंपनी का कर्मचारी बनकर एक व्यक्ति ने काल किया। कहा कि उनके नाम से एक पार्सल है, जिसमें ड्रग्स है।
फिर साइबर अपराधियों ने पुलिस और दूसरे विभाग के अधिकारी बनकर महिला डॉक्टर को एक महीने तक डिजिटल अरेस्ट रखते हुए अलग-अलग तिथियों में ऑनलाइन रकम ट्रांसफर करवाई। अपराधियों ने लोन लेकर पैसा देने के लिए कहा तो किरण ने 30 सितंबर को बेंगलुरू में रहने वाली अधिवक्ता बेटी से बात की, तब डिजिटल अरेस्ट का पता चला।
एक अक्टूबर को पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करते हुए पुलिस ने विवेचना शुरू की गई तो पता चला कि ठगी के 48 लाख रुपये आयुष अवस्थी की फर्म के खाते में गए हैं। रविवार को उसे गिरफ्तार करते हुए पूछताछ की गई।
आरोपित ने बताया कि नवंबर 2025 में गांव के निशांत द्विवेदी के जरिए राजन शुक्ला से मुलाकात हुई थी। उन्होंने आयुष को ठगी की रकम अपने खाते में लेते के लिए 10 प्रतिशत कमीशन का लालच दिया। तब तीनों लोग छह सितंबर को फ्लाइट से मुंबई पहुंचे और दूसरे सहयोगियों के साथ मिलकर महिला डाक्टर को डिजिटल अरेस्ट करके आनलाइन ठगी की।
फर्म के खाते में मंगाई थी ठगी की रकम
आयुष अवस्थी की स्किलोरा वर्कफोर्स साल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के नाम से मैन पावर, लेबर सप्लाई की फर्म है। उस फर्म का करेंट अकाउंट एचडीएफसी बैंक में है। उसी खाते में ठगी की रकम मंगवाई थी। रूहेलखंड विश्वविद्यालय से एलएलबी, कोटा से आइटी की पढ़ाई करने वाला आयुष गुजरात से मिले लेबर सप्लाई के टेंडर के तहत काम किया, लेकिन दो महीने बाद बंद हो गया था। तब उसने हार्डवेयर, स्टेशनरी की दुकान को संभालने लगा। इसी बीच निशांत के जरिए राजन से संपर्क हुआ था।
दहेज हत्या में फंसने पर कर्ज से हुआ परेशान
पुलिस का कहना है कि आयुष की शादी होने के छह महीने बाद ही उसकी पत्नी ने जान दे दी थी। दहेज हत्या के मुकदमे में फंसने के बाद वह कर्ज से परेशान हो गया। जमानत पर बाहर आने के बाद उसने दूसरी शादी की। दूसरी पत्नी लखनऊ में रिशेप्सनिस्ट की नौकरी करती है। कर्ज से परेशान होने के कारण ही आयुष ने ठगी की रकम अपनी फर्म के खाते में मंगवाई। फिर बैंक मैनेजर से मिलीभगत करके एचडीएफसी लाइफ और आदित्य बिरला सनलाइफ में 40 लाख की चार बीमा पालिसी ली थी। आयुष के खिलाफ लखीमपुर के गोला थाने में दहेज हत्या और परधान थाने में आर्म्स एक्ट का मुकदमा कायम है।
तीन राज्यों में 3.80 करोड़ की भी ठगी
बैंक खाता, सीडीआर सहित अन्य तकनीकी साधनों के जरिए जांच से पता चला है कि महिला डाक्टर की तरह ही साइबर अपराधियों ने उत्तराखंड, तमिलनाडु, महाराष्ट्र में कुछ लोगों से तीन करोड़ 80 लाख रुपये की ठगी की है। अंतरराज्यीय गिरोह की विस्तृत जांच, कार्रवाई के लिए पुलिस कमिश्नर की ओर से पुलिस की चार टीम बनाई गई है, जो दूसरे राज्य के पुलिस से भी समन्वय बनाएगी।
पुलिस कमिश्नर ने दिया टीम को इनाम
पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया की तरफ से महिला डाक्टर को डिजिटल अरेस्ट कर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए करीब 65 लाख रुपये फ्रीज कराने पर साइबर क्राइम थाने के प्रभारी राघवेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर मो. आलमगीर, दारोगा राहुल कुमार, दीपक भाटी, सिपाही विवेक यादव, शिवम दिवाकर, रूप को 10 हजार रुपये नकद दिया गया है।
