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प्रयागराज में 'महाकाल' ने खोला करोड़ों के नोटों का राज, भाई से पंगा पड़ा भारी

Published: Sat, 31 Oct 2026 08:27 AM (IST)

प्रयागराज में भाइयों के विवाद ने जमीन में गाड़े गए करोड़ों रुपये के नोटों का राज खोल दिया। छोटे भाई ...और पढ़ें

यह तस्वीर AI द्वारा बनाई गई है।

यह तस्वीर AI द्वारा बनाई गई है।

HighLights

  1. प्रयागराज में भाइयों के विवाद से करोड़ों का राज खुला।

  2. छोटे भाई ने पुणे के व्यापारी के नोटों की जानकारी दी।

  3. आयकर विभाग ने जमीन खोदकर बोरों में छिपाई नकदी निकाली।

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। मुंबई और पुणे में कई वर्षों तक नौकरी कर घर लौटे भाइयों के बीच विवाद ने ही जमीन में ड्रम में भरकर गाड़े गए करोड़ों के नोटों का राज खोल दिया। नवाबगंज के बरईपुर रामनगर गांव में बड़े भाई राजेश यादव थार गाड़ी खरीदने जा रहा था कि छोटे राकेश यादव उर्फ महाकाल ने विरोध कर दिया। इसको लेकर दोनों के बीच इतना विवाद बढ़ गया कि महाकाल ने सारा भेद पुलिस के सामने खोल दिया।

बता दिया कि पुणे में व्यापारी के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी होने पर बोरों में भरकर नोटों की गड्डियां राजेश के कमरे में छिपा दी गई थी। जब कारोबारी जेल चला गया तो राजेश अपने भाइयों के साथ करोड़ों रुपये लेकर घर आ गया। इस जानकारी के बाद ही आयकर विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्यवाही शुरू हो गई। गुरुवार को दूसरे दिन आयकर और पुलिस की टीमों ने घर के अंदर जमीन खोदाई कर ड्रम में रखे नोटों को निकाला। दिन भर मशीनों से नोटों की गिनती भी हुई।

श्रृंगवेरपुर धाम के पास स्थित बरईपुर रामनगर गांव के किसान रामअधार यादव के छह बेटों में बड़ा राजेश यादव उर्फ बबलू लगभग 19 वर्ष पहले पुणे में नौकरी करने गया था। तीसरे बेटे राकेश उर्फ महाकाल तथा चौथे बेटे लवकुश भी कुछ वर्ष बाद बड़े भाई के पास पुणे चले गए। दूसरे बेटे सतीश यादव, पांचवे रजनीश उर्फ छोटू तथा छठे बेटे राज यादव गांव में रहते थे। इनके दो रिश्तेदार भी पुणे पहुंच गए थे।

कोरोना के दौरान सभी गांव लौट आए थे। फिर एक वर्ष बाद 2021 में पुणे गए। इसके बाद तीनों भाई वर्ष 2022 में अचानक गांव लौट आए। वहां से सामान भी लेते आए, जिसके बाद पुणे नहीं गए।गांव में कुछ ही दिनों बाद पूरे परिवार जीवनशैली इस तरह से बदलने लगी कि ग्रामीण चौक गए। गांव तथा आसपास के इलाके में जमीन व प्लाट खरीदे गए। मकान बनवाया गया। दो ट्रैक्टर व ट्राली खरीदने के साथ मुख्य सड़क पर जमीन खरीदकर मार्केट बनवाया।

दो चार पहिया कार खरीद ली गई। गांव के प्राथमिक विद्यालय से बच्चे कान्वेंट स्कूल में जाने लगे। इस तरह कुछ ही समय में संपत्ति बढ़ने तथा पूरे परिवार के रौब में रहने से लोग सवाल करने लगे। नवरात्र के दौरान राजेश ने थार गाड़ी खरीदने जा रहा था तो राकेश ने मना कर दिया। कहा, अभी नहीं खरीदना है, क्योंकि गांव तथा आसपास लोग तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं। इसके बाद ही दोनों भाइयों में विवाद बढ़ गया।

नवाबगंज पुलिस ने बताया कि महाकाल की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उच्चाधिकारियों को जानकारी दी गई। अफसरों ने आयकर विभाग से संपर्क साधा और फिर कार्यवाही शुरू हुई। गुरुवार को सुबह 10 बजे ही आयकर विभाग की टीम और पुलिस राजेश के घर पहुंच गई। घर के दूसरे और तीसरे कमरे की खोदाई के साथ ही दो दीवारो को भी तोड़ा गया। कुछ और ड्रमों में नोटों की गड्डियां बरामद हुई हैं। उनकी गिनती कराई गई और फिर जब्त किया गया। यह कार्यवाही देर शाम तक चली। राजेश और राकेश दो दिनों से पुलिस की हिरासत में हैं। दोनों पुलिस के अफसरों ने गुरुवार को भी पूछताछ की है।

खास-खास

  • 10 बजे सुबह गांव पहुंच गई थी आयकर विभाग की टीम और पुलिस के अफसर
  • 03 भाई पूना में रहकर करते थे नौकरी, दो रिश्तेदार भी थे साथ में
  • 2022 में सभी लौट आए थे गांव, कुछ समय बाद शुरू हो गई थी नोटो की चर्चा

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नवाबगंज के बरईपुर रामनगर गांव में पुणे से लौटे राजेश यादव के घर गुरुवार को भी खोदाई कराई गई है। आयकर विभाग की टीमें खोदाई के साथ ही नोटों की गिनती की है। दो भाइयों से पूछताछ चल रही है, जिसके आधार पर आगे की कार्यवाही होगी।

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-सोनम कुमार, डीसीपी गंगा नगर

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