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अर्णब तूफान से गोरखपुर में धान की फसलें तबाह, रबी की बोवाई पर गहराया संकट

Published: Sat, 31 Oct 2026 08:05 AM (IST)

चक्रवाती तूफान 'अर्णब' के प्रभाव से गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवा और बारिश ने पककर तैयार धान ...और पढ़ें

अर्नब साइक्लोन का असर गोरखपुर में भी,सुबह से हो रही वर्षा के कारण लोग परेशान रहे। बारिश से बचने के लिए छतरी के साथ जाता स्कूटर चालक। -अभिनव राजन चतुर्वेदी

अर्नब साइक्लोन का असर गोरखपुर में भी,सुबह से हो रही वर्षा के कारण लोग परेशान रहे। बारिश से बचने के लिए छतरी के साथ जाता स्कूटर चालक। -अभिनव राजन चतुर्वेदी

जागरण टीम, गोरखपुर। चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ के प्रभाव से तेज हवा और बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। सहजनवा, पाली, पिपरौली, उरुवा, गोला, बांसगांव, गगहा, कैंपियरगंज, पीपीगंज, मझगांवा, पिपराइच और चौरीचौरा में पककर तैयार धान की फसल खेतों में गिर गई है। जलभराव से कटाई-मड़ाई प्रभावित हुई है। खेतों में जलभराव से आलू, सरसों, चना, मटर और गेहूं की बोवाई पर भी असर पड़ने की आशंका है।

सहजनवा तहसील क्षेत्र में गुरुवार से बूंदाबांदी शुरू हुई। शुक्रवार भोर में तेज हवा के साथ बारिश से पाली, पिपरौली और सहजनवा ब्लाक में धान की फसल जमीन पर बिछ गई। दाने काले पड़ने और गुणवत्ता खराब होने का खतरा है। किसान पुरुषोत्तम चौबे, श्रीप्रकाश शुक्ला और जगदीश सिंह ने बताया कि खाद, बीज, सिंचाई और मजदूरी पर खर्च के बाद कटाई से पहले फसल गिरने से लागत बढ़ेगी और उपज का उचित मूल्य मिलना मुश्किल होगा। एसडीएम नमन मेहता ने कहा कि नुकसान की सूचना नहीं मिली है। सर्वे कराया जाएगा।

उरुवा और गोला में धान गिरने से किसान परेशान हैं। गोपालपुर के संगम पांडेय और जगदीशपुर के रामलखन गुप्ता ने बताया कि किसान कटाई की तैयारी में थे, लेकिन बारिश ने मुश्किल बढ़ा दी। गोला के बरहज, घोड़ालोटन, देवकली, गोपालपुर, बिसरा और भवनियापुर में आलू, गोभी, पालक, बैंगन, मूली और धनिया की फसलें पानी में डूबने से प्रभावित हुई हैं। बांसगांव में काला नमक, बासमती और संभा मंसूरी धान की फसल गिरने से नुकसान हुआ है।

गगहा और कैंपियरगंज में कटाई-मड़ाई पिछड़ने की आशंका है। ढरसी के घनश्याम तिवारी, बड़िहारी के राणा प्रताप सिंह और संजय सिंह समेत किसान चिंतित हैं। खजुरगांवां, रिगौली और भैंसला के श्यामनारायण यादव, कौशल निषाद और ध्रुव नारायण ने बताया कि कटाई में देरी से सरसों की बोवाई का समय निकल सकता है। समय पर कटाई नहीं हुई तो गेहूं की बोवाई भी पिछड़ेगी।

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पीपीगंज और पिपराइच में धान की फसल गिरी है। लखेसरा के लालबचन गिरी ने करीब 50 प्रतिशत फसल क्षति का अनुमान जताया। मझगांवा के पाजुपार निवासी दिनेश पांडेय की 45 डिसमिल, मामखोर के बृजेश यादव की पांच बीघा और बड़गो के कृष्णा तिवारी की एक एकड़ फसल प्रभावित हुई है। चौरीचौरा में गुरुवार से शुक्रवार देर शाम तक बारिश और ठंडी हवाओं का असर रहा। पीपीगंज के किसानों ने स्थलीय सर्वे कराकर मुआवजे की मांग की है। पिपराइच के एडीओ कृषि दशरथ भारती ने बताया कि बारिश थमने के बाद क्षति का सर्वे कराया जाएगा।

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