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प्रयागराज: प्रधान महालेखाकार कार्यालय से हटाए गए नौ कर्मचारी, कोर्ट जाएगा संगठन और लड़ेगा लड़ाई

By Sharad Dwivedi Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Tue, 03 Nov 2026 09:32 PM (IST)

प्रधान महालेखाकार कार्यालय, प्रयागराज से 9 कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई है। कर्मचारी संगठन इस मनमानी कार्रवाई के ...और पढ़ें

प्रयागराज के प्रधान महालेखाकार कार्यालय से हटाए गए नौ कर्मचारी, विरोध में संगठन कोर्ट जाएगा।

प्रयागराज के प्रधान महालेखाकार कार्यालय से हटाए गए नौ कर्मचारी, विरोध में संगठन कोर्ट जाएगा।

HighLights

  1. ऑडिट से 5 व लेखा एवं हकदारी से 3 कर्मियों की सेवा समाप्त

  2. ओडिशा कार्यालय में कार्यरत 4 कर्मियों की भी सेवा समाप्त

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। कार्यालय महालेखाकार में कार्यरत आठ कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई है। कार्यालय प्रधान महालेखाकार ऑडिट से पांच तथा लेखा एवं हकदारी से तीन कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई है। बताया जा रहा है कि लखनऊ स्थित कार्यालय से भी एक कर्मचारी को हटाया गया है। वहीं, ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित कार्यालय प्रधान महालेखाकार में कार्यरत चार कर्मचारियों की सेवा समाप्त की कई है।

कर्मचारियों को बिना नोटिस दिए और कारण बताए हटाने से नाराजगी बढ़ गई है। कर्मचारी संगठन दीपावली पर्व के बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करेंगे। इसको लेकर अधिवक्ताओं का पैनल नियुक्त किया जाएगा।

कार्यालय प्रधान महालेखाकार के आडिट तथा लेखा एवं हकदारी में कार्यरत आठ तथा लखनऊ कार्यालय से एक कर्मचारी को एजी प्रशासन ने एक नवंबर से कार्यालय न आने का निर्देश दिया। कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने का आदेश भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक कार्यालय से जारी किया गया।

आरोप है कि हटाए गए कर्मचारियों का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा। पिछले वर्षों के कार्यों और प्रदर्शन की समीक्षा के बाद नियम 56(जे) के तहत सेवा समाप्त करने का निर्णय लिया गया। इस नियम के तहत निर्धारित शर्तों के आधार पर जनहित में किसी सरकारी कर्मचारी को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा सकती है।

इसको लेकर आल इंडिया आडिट एवं अकाउंट्स एसोसिएशन के विशेष आमंत्रित सदस्य तथा फेडरेशन आफ कन्फेडरेशन सेंट्रल गर्वनमेंट इम्लाइज एंड वर्कर्स के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष पांडेय ने मंगलवार को कर्मचारियों की बैठक में उन्होंने कहा, कर्मचारियों के हित में सांगठनिक और न्यायिक लड़ाई लड़ी जाएगी। इसका स्वरूप दो-तीन दिन में तैयार करके उसी के अनुरूप मुहिम चलाई जाएगी।

बताया कि इस मुद्दे पर उन्होंने प्रधान महालेखाकार आडिट राजकुमार सिंह से मुलाकात करके कार्रवाई पर नाराजगी व्यक्त की है। कहा कि बिना कारण बताए वर्षों तक काम करने वाले कर्मचारियों को हटाना निंदनीय है। इस मनमानी को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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