प्रयागराज में 23 ब्लाकों के ADO का रुका वेतन, ऑडिट की आपत्तियों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर कार्रवाई
प्रयागराज में 23 ब्लॉकों के सहायक विकास अधिकारियों (ADO) का अक्टूबर का वेतन रोक दिया गया है। गांवों के विकास ...और पढ़ें

प्रयागराज के सीडीओ ने 23 ब्लाकों के लापरवाह एडीओ का वेतन रोक दिया।
HighLights
गांवों के विकास का नहीं मिला हिसाब, मुख्य विकास अधिकारी ने की कार्रवाई
जनपद में करीब 263 गांवों में ऑडिट के दौरान पकड़े गए थे कार्यों में घपले
सूर्य प्रकाश तिवारी, प्रयागराज। गंगापार व यमुनापार के करीब 263 गांवों में आडिट के दौरान घपले पकड़े गए थे। करीब डेढ़ दशक से मामले लंबित हैं, लेकिन सचिवों इस विकास का कोई हिसाब नहीं दिया। पंचायती राज विभाग के सहायक विकास अधिकारियों (ADO) ने भी रुचि नहीं दिखाई, जबकि कई बार इसके लिए आदेश जारी हुए थे। इस पर सीडीओ हर्षिका सिंह ने 23 ब्लाकों के एडीओ का अक्टूबर महीने का वेतन रोक दिया है।
वित्तीय वर्ष 2012-13 से वर्ष 2024-25 के बीच यह आडिट हुए थे। इनकी आपत्तियों के निस्तारण की बीते दिनों सीडीओ हर्षिका सिंह से समीक्षा की। इसमें पता चला कि फूलपुर की 11, सहसों की सात, सैदाबाद की 15, धनूपुर की तीन, बहादुरपुर की चार, हंडिया की पांच, प्रतापपुर की 22 आपत्तियों में अभी तक विकास कार्यों के अभिलेख नहीं मिले हैं।
कुछ यही हाल श्रृंगवेरपुर, मऊआइमा, सोरांव, बहरिया, होलागढ़, उरुवा, कौधियारा, करछना सहित अन्य ब्लाकों का भी रहा। तमाम प्रकरण ऐसे थे, जिनमें अधूरे दस्तावेज देकर खानापूर्ति की गई थी। इसकी वजह से जिला लेखा परीक्षा अधिकारी कार्यालय से आपत्तियां फिर वापस लौटा दी गईं थीं।
ग्राम पंचायतों से आपत्तियों का निस्तारण कराने की जिम्मेदारी संबंधित एडीओ पंचायत को सौंपी गई थी। एडीओ ने भी इसे गंभीरता से नहीं लिया। जिला पंचायत राज अधिकारी रवि शंकर द्विवेदी ने बताया कि आपत्तियों के निस्तारण में लापरवाही बरती जा रही है। इसी मामले में मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है।
