जले मोबिल आयल का ईंधन बना छान रहे जलेबी और समोसा, प्रयागराज में गैस सिलेंडर की समस्या का खोज निकाला समाधान
प्रयागराज के मीरापुर में जलेबी, समोसा के दुकानदार अमन ने गैस सिलेंडर की समस्या से निपटने के लिए अनूठा उपाय ...और पढ़ें

जले मोबिल आयल और एयर प्रेशर मशीन, टर्बो चार्जर के प्रयोग से बने जुगाड़ के चूल्हे पर जलेबी छानते प्रयागराज के अमन। जागरण
HighLights
मीरापुर मुहल्ले के रहने वाले अमन ने बनाया जुगाड़ से चूल्हा
लोगों के लिए कौतूहल पैदा करने और नई राह दिखाने वाला है
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। इन दिनों पेट्रोलियम पदार्थों को लेकर हाय-तौबा मची है। कहीं घरेलू गैस सिलेंडर तो कहीं व्यावसायिक सिलेंडर का टोटा है। पेट्रोल-डीजल के लिए भी लंबी लाइन लग रही है। कुछ लोग वर्तमान से आगे बढ़कर समाधान ढूंढ रहे तो कुछ थोड़ा सा पीछे या अगल-बगल झांकते हुए लक्ष्य के करीब पहुंच रहे हैं। ऐसी ही कोशिश मीरापुर में जलेबी और समोसा की दुकान चलाने वाले 45 वर्षीय अमन ने की है।
नए तरीके का बनाया जुगाड़ चूल्हा
अमन ने ऐसा चूल्हा बनाया है, जिसमें ईंधन के रूप में जला मोबिल आयल प्रयोग किया जाता है। जुगाड़ तकनीक से बना यह माडल लोगों के लिए कौतूहल पैदा करने के साथ नई राह दिखाने वाला है। बताया कि उन्हें जब गैस सिलेंडर की कमी से जूझना पड़ा तो ऊर्जा व ईंधन के प्रयोग संबंधी कुछ सिद्धांतों का समावेश करते हुए नए तरीके का जुगाड़ चूल्हा बनाया।
10वीं पास हैं अमन कुमार
मीरापुर में हरि मंदिर के पास 10वीं पास अमन कुमार ने बताया कि इस चूल्हे में जला मोबिल आयल व एयर प्रेशर मशीन का प्रयोग किया है। इससे गैस की कमी की समस्या का समाधान मिल गया। प्रतिदिन वह इसी चूल्हे पर जलेबी छानते हैं। टर्बोचार्जर (या टर्बो) का प्रयोग वह करते हैं। यह प्रेरण उपकरण है जो इंजन की शक्ति और दक्षता को बढ़ाता है।
ऐसे जलता है यह चूल्हा
बताया कि अपशिष्ट निकास गैसों का उपयोग करके एक टरबाइन को घुमाता है। इसकी मदद से कंप्रेसर चलता है। यह कंप्रेसर इंजन के सिलेंडरों में अतिरिक्त, संपीड़ित हवा भेजता है, जिससे अधिक ईंधन जल पाता है। परिणामस्वरूप अधिक शक्ति उत्पन्न होती है। विज्ञान के इसी सिद्धांत को व्यावहारिक रूप से अमन ने अपनाया है।
दो पाइपों का किया गया प्रयोग
अमन ने इसमें दो पाइप का प्रयोग किया है। एक पाइप से मोबिल आयल जाता है तो दूसरे से ऐयर प्रेशर बनाते हैं। टर्बो चार्जर के प्रयोग से ईंधन आक्सीजन प्रदान की गति बढ़ती है और उनका चूल्हा जलता है। कहते हैं विज्ञान के बहुत सिद्धांत तो नहीं जानते लेकिन व्यावहारिक रूप से मशीनों के प्रयोग को आम जीवन में करने की कोशिश की है।
