Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    BJP इन सीटों पर कर सकती है बड़ा उलटफेर, अगले तीन दिनों में साफ हो जाएगी तस्वीर; इस नेता के दौरे से सियासी हलचल तेज

    Updated: Tue, 05 Mar 2024 02:13 PM (IST)

    Lok Sabha Election भाजपा ने पहले चरण में देश भर की 195 लोकसभा सीटों के लिए उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। इनमें उत्तर प्रदेश की 51 सीटों के उम्मीदवार भी शामिल हैं। अभी यहां की 29 सीटों पर पर्चे खुलने बाकी है। इनमें कौशांबी फूलपुर और इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र भी शामिल है। इन सभी सीटों पर दो दर्जन से अधिक दावेदार हैं।

    Hero Image
    कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर के दौरे से यूपी में सियासी हलचल तेज

    अमलेंदु त्रिपाठी, प्रयागराज। (Lok Sabha Election) भाजपा ने पहले चरण में देश भर की 195 लोकसभा सीटों के लिए उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। इनमें उत्तर प्रदेश की 51 सीटों के उम्मीदवार भी शामिल हैं। अभी यहां की 29 सीटों पर पर्चे खुलने बाकी है। इनमें कौशांबी, फूलपुर और इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र भी शामिल है। इन सभी सीटों पर दो दर्जन से अधिक दावेदार हैं। जब तक केंद्रीय चुनाव समिति से नामों को अंतिम रूप नहीं दे दिया जाता है तब तक सभी दावेदार स्वयं को मजबूत उम्मीदवार बता रहे हैं।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    सोमवार को उस समय हलचल बढ़ गई जब कैबिनेट मंत्री व लोकसभा क्लस्टर प्रभारी अनिल राजभर संगम नगरी पहुंचे। वह संघ कार्यालय पर करीब आठ बजे समन्वय बैठक में संघ विचार परिवार के पदाधिकारियों के साथ बैठे। जन प्रतिनिधियों से भी अलग-अलग कई दौर में संवाद किया।

    फूलपुर और इलाहाबाद सीट पर हुआ मंथन

    माना जा रहा है कि इस बैठक में फूलपुर और इलाहाबाद संसदीय सीट के उम्मीदवारों पर गहन मंथन हुआ। पार्टी की तरफ से कराए गए आंतरिक सर्वे पर भी मंत्रणा की गई। संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों से पार्टी के मंतव्य को बताते हुए उनकी राय जानी गई। वर्तमान सांसदों के पक्ष और विपक्ष में आए विचारों को शीर्ष नेतृत्व के पास भेजा जाएगा। उसके आधार पर टिकट की घोषणा होगी।

    माना जा रहा है कि अगले दो-तीन दिनों में तस्वीर साफ हो पाएगी। इलाहाबाद सीट पर बड़ा उलटफेर हो सकता है। ऐसे प्रत्याशी को टिकट मिल सकता है जो पूरी तरह से नया हो। संभव है कि वह बाहर का हो। फिलहाल संघ व पार्टी के लोगों ने उम्मीदवारी के विषय पर चुप्पी साधे रखी। बस इतना बोले कि यह समन्वय बैठक रूटीन है। मतदान के प्रतिशत को बढ़ाने की रणनीति बनाने के लिए बातचीत की गई।

    पार्टी कार्यकर्ता अधिक मतदान का करेंगे आग्रह

    तय किया गया कि पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ स्वयंसेवक भी घर-घर जाएंगे। लोगों से अधिक से अधिक मतदान का आग्रह करेंगे। उधर, सूत्रों का कहना है कि कुछ विधायकों को दिल्ली बुलाकर उम्मीदवारों के संबंध में राय ली जा रही है। इनमें अधिकतर ने वर्तमान सांसदों के पक्ष में राय दी। यह जरूर है कि पार्टी की तरफ से कराए गए आंतरिक सर्वे को महत्व दिया जा रहा है। उस पर हुए मंथन से ही किसी नतीजे पर पहुंचा जाएगा।

    इसे भी पढ़ें: 'सपाइयों का नारा खाली प्लॉट हमारा...', सपा पर हमलावर हुई भाजपा; कांग्रेस को बताया भ्रष्टाचार की अम्मा