विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

नई दिल्ली रूट पर ट्रेनें निरस्त: एक दिन में 14 हजार टिकट रद, रेलवे ने 24 घंटे में लौटाए सवा करोड़ रुपये

Published: Sun, 11 Oct 2026 09:09 AM (GMT+05:30)

उत्तर मध्य रेलवे के नई दिल्ली रूट पर ट्रेनें रद्द होने से यात्रियों को भारी परेशानी हुई है। प्रयागराज मंडल ...और पढ़ें

प्रयागराज-हमसफर रविवार को नहीं आएंगी, हावड़ा राजधानी भी निरस्त। सांकेतिक तस्वीर

प्रयागराज-हमसफर रविवार को नहीं आएंगी, हावड़ा राजधानी भी निरस्त। सांकेतिक तस्वीर

HighLights

  1. नई दिल्ली रूट पर ट्रेनों का संचालन चरमराया।

  2. 24 घंटे में 1.17 करोड़ रुपये का नकद रिफंड।

  3. प्रयागराज और कानपुर में सर्वाधिक टिकट वापसी।

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे के सबसे व्यस्त नई दिल्ली रूट पर ट्रेनों का संचालन चरमराने से यात्रियों का सफर पूरी तरह बेपटरी हो गया है। एक तरफ जहां अचानक ट्रेनें निरस्त होने से यात्रियों को भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है, वहीं दूसरी ओर रेलवे के खजाने पर भी तगड़ा आर्थिक बोझ पड़ा है।

प्रयागराज मंडल के आरक्षण केंद्रों से महज 24 घंटे के भीतर 14 हजार से अधिक यात्रियों को 1.17 करोड़ रुपये से ज्यादा का नकद रिफंड लौटाना पड़ा। उधर, रेक उपलब्ध न होने के कारण प्रयागराज और हमसफर एक्सप्रेस रविवार सुबह दिल्ली से प्रयागराज नहीं पहुंचेंगी, जिससे आने वाले यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि शुक्रवार को ट्रेन प्रयागराज से दिल्ली गई ही नहीं। वहीं, शनिवार को नई दिल्ली से हावड़ा जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस भी दिल्ली में ही निरस्त कर दी गई, जिससे दिल्ली से पूर्वांचल और बंगाल की ओर जाने वाले यात्री बीच रास्ते में फंस गए।

शुक्रवार को ट्रेनें रद होने से फंसे हजारों यात्री शनिवार को एक साथ प्रयागराज जंक्शन पहुंच गए। शाम ढलते ही दिल्ली जाने वाली प्रयागराज एक्सप्रेस के जनरल डिब्बों में चढ़ने के लिए आरपीएफ ने कतार लगवाई और जनरल कोच में एक-एक चात्री को चढ़ाया गया।

स्लीपर और एसी बोगियों में भी वेटिंग टिकट वाले यात्रियों की भरमार रही। यही स्थिति रीवा एक्सप्रेस और हमसफर में भी देखने को मिली। हालांकि सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ इतनी नहीं रही कि दरवाजे तक लटक कर लोगों को यात्रा करनी पड़े, सभी को अंदर सीटें मिल गई।

प्रयागराज और कानपुर में सबसे ज्यादा टिकट वापसी
शुक्रवार को प्रयागराज एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस, कानपुर शताब्दी, श्रमशक्ति और शकूरबस्ती स्पेशल जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों का परिचालन अचानक रोक दिया गया था। यात्रा के ऐन वक्त पर गाड़ी रद होने की सूचना मिलते ही स्टेशनों पर टिकट वापसी के लिए यात्रियों की लंबी कतारें लग गईं। नौ अक्टूबर को प्रयागराज मंडल के काउंटरों से कुल 14,656 यात्रियों ने अपने टिकट रद कराए, जिसके बदले रेलवे प्रशासन ने 1,17,71,418 रुपये का भुगतान नकद रिफंड के रूप में किया।

प्रयागराज जंक्शन कुल 21,894 टिकटों की बुकिंग में से 4,239 यात्रियों ने सफर निरस्त किया। इसके एवज में 35,39,296 रुपये वापस किए गए। वहीं, कानपुर सेंट्रल से 18,168 यात्रियों में से 3,904 ने अपने टिकट कैंसिल कराए, जिस पर 31,56,822 रुपये का भुगतान हुआ।

यह भी पढ़ें- रेलवे कर्मचारियों को मिलने वाला है 41,149 रुपए का बोनस? देखें क्या है सोशल मीडिया पर वायरल लेटर की सच्चाई


ई-टिकटों का रिफंड 5 करोड़ पार जाने का अनुमान
वर्तमान में 80 प्रतिशत से अधिक आरक्षण आईआरसीटीसी और मोबाइल एप के माध्यम से होते हैं। रेलवे अधिकारियों का आकलन है कि काउंटरों से दिए गए सवा करोड़ रुपये के अलावा, आनलाइन टिकटों के रद्दीकरण के रूप में करीब पांच करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे यात्रियों के बैंक खातों में वापस लौटाई गई है।

यह भी पढ़ें- हड़ताल खत्म होते ही प्रयागराज में नौ लेखपाल निलंबित, 52 हजार आवेदन लंबित




' शनिवार को ट्रेनें समयानुसार चलाई गई हैं। ट्रेनों के निरस्तीकरण के बाद यात्रियों को स्टेशन काउंटरों से नियमानुसार पूरा रिफंड जारी किया गया है। आनलाइन टिकटों के रिफंड का अंतिम आंकड़ा तैयार किया जा रहा है।'

-

-अमित कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, प्रयागराज मंडल