विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 30, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Mahakumbh Stampede: भगदड़ के बाद पूरा मेला क्षेत्र नो-व्हीकल जोन घोषित, 7 नए अफसरों की तैनाती; VVIP पास भी रद्द

Published: Thu, 30 Jan 2025 01:45 PM (IST)Updated: Thu, 30 Jan 2025 02:01 PM (IST)

Maha Kumbh Stampede Update मौनी अमावस्या पर महाकुंभ में भगदड़ से 30 श्रद्धालुओं की मौत और 90 घायल होने के ...और पढ़ें

भगदड़ के बाद IAS भानुचंद्र समेत सात नए अफसरों की तैनाती - प्रतीकात्मक तस्वीर।
भगदड़ के बाद IAS भानुचंद्र समेत सात नए अफसरों की तैनाती - प्रतीकात्मक तस्वीर।

जागरण संवाददाता, महाकुंभ नगर। मौनी अमावस्या पर संगम के पास भगदड़ में 30 श्रद्धालुओं की मौत के बाद शासन स्तर से जांच शुरू हो चुकी है। वहीं महाकुंभ मेले की व्यवस्था को और सुचारू रूप देने के लिए सात नए अफसरों की तैनाती की गई है।

इनमें पावर कारपोरेशन के चेयरमैन आशीष गोयल, आइएएस भानुचंद्र गोस्वामी व आशुतोष द्विवेदी भी शामिल हैं। ये सभी सात उच्चाधिकारी यहां पहुंच गए हैं।

वहीं पुलिस ने मेला क्षेत्र में सभी तरह के वीवीआइपी व मीडिया वाहन पास रद्द कर दिए हैं। यहां तक कि आवश्यक सेवा के वाहनों के भी पास रद्द हैं। मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह व डीजीपी प्रशांत कुमार महाकुंभ मेला क्षेत्र में आकर भगदड वाले स्थान पर जाएंगे।

पूरा मेला क्षेत्र नो-व्हीकल जोन घोषित

महाकुंभ में हुई भगदड़ के बाद पूरे मेला क्षेत्र को नो-व्हीकल जोन घोषित कर दिया गया है। सभी प्रवेश द्वार पर मजबूत बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों की आवाजाही को निषेध कर दिया गया है। इसके साथ ही सभी वीवीआइपी, वीआइपी सहित सभी तरह के पास को निरस्त कर दिया गया है। प्रयागराज जिले की सीमा पर वाहनों की लंबी कतार लगी है, जिसमें सवार श्रद्धालु परेशान हो रहे हैं। मेला क्षेत्र से 20 किलोमीटर दूर ही वाहनों रोका जा रहा है।

मंगलवार रात महाकुंभ मेला क्षेत्र में हुई भगदड़ के बाद महाकुंभ मेला प्राधिकरण ने 30 श्रद्धालुओं की मौत और 90 के घायल होने का दावा किया है। इसके साथ ही व्यवस्था में कई परिवर्तन कर दिए गए हैं, ताकि भगदड़ की पुनरावृत्ति न हो सके। नए बदलाव में मेला क्षेत्र पूरी तरह नो-व्हीकल जोन घोषित किया गया है।

सभी तरह से पास रद्द कर दिए गए हैं। यानी मेले में पास के जरिए वाहनों को प्रवेश नहीं मिलेगा। मेले के रास्ते किए गए वन-वे किया गया है। प्रयागराज से सटे जिलों से आने वाले वाहनों को जिले की सीमा पर रोका जा रहा है। चार फरवरी तक शहर में चार पहिया वाहनों की इंट्री पर पूरी तरह से रोक रहेगी। मेल प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने में सहयोग करें।

आवश्यक वस्तु के वाहनों को भी नहीं मिल रहा प्रवेश-

महाकुंभ मेला प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए आवश्यक वस्तु जैसे दूध सहित दूसरे खाद्य पदार्थ, मेडिकल उपकरण के वाहनों के भी प्रवेश पर रोक लगा दी है। इससे श्रद्धालुओं और कल्पवासियों को काफी परेशानी हो रही है। तमाम श्रद्धालु अपने-अपने बच्चों के साथ मेला क्षेत्र में पहुंचे और दूध खरीदने के लिए इधर-उधर भटकते रहे।

जहां मिल रहा है वह दोगुने दाम पर बेच रहे हैं। हालांकि यह भी देखा जा रहा है कि सरकारी वाहनों में तमाम अधिकारी अपने परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और परिचितों को भरकर संगम स्नान करवा रहे हैं। एंबुलेंस में भी श्रद्धालुओं को ढोया जा रहा है।