Maha Kumbh 2025: मौनी अमावस्या पर सैकड़ों विदेशी श्रद्धालुओं ने किया अमृत स्नान, इंडियन कल्चर से हुए प्रभावित
महाकुंभ में मौनी अमावस्या के दिन देश विदेश के श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई। इसके अलावा विभिन्न अखाड़ों से जुड़े विदेशी संतों साधकों और अनुयायियों ने भी स्नान किया। इसमें रूस-यूक्रेन कजाकित्सान अमेरिका फ्रांस चिली कनाडा समेत कई देशों के श्रद्धालु शामिल हुए। कुंभ क्षेत्र के सेक्टर 17 स्थित शक्तिधाम आश्रम शिविर से परंपरागत विधि-विधान के साथ स्नान यात्रा निकाली गई।

जारगण संवाददाता, महाकुंभ नगर। महाकुंभ के पावन अवसर पर मौनी अमावस्या के दिन आस्था और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला, जब सैकड़ों विदेशी श्रद्धालुओं ने पवित्र त्रिवेणी संगम में अमृत स्नान किया। यह आयोजन न केवल भारतीय सनातन परंपरा की वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है, बल्कि धार्मिक समरसता और आध्यात्मिक एकता का संदेश भी देता है।
इसके अलावा विभिन्न अखाड़ों से जुड़े विदेशी संतों, साधकों और अनुयायियों ने भी स्नान किया। इसमें रूस-यूक्रेन, कजाकित्सान, अमेरिका, फ्रांस, चिली, कनाडा समेत कई देशों के श्रद्धालु शामिल हुए।
कुंभ क्षेत्र के सेक्टर 17 स्थित शक्तिधाम आश्रम शिविर से परंपरागत विधि-विधान के साथ स्नान यात्रा निकाली गई, जिसमें जगद्गुरु साईं मां के साथ उनके नौ विदेशी महामंडलेश्वर संतों के साथ सैकड़ों विदेशी संतों ने अमृत स्नान किया।
अमृत स्नान के लिए संगम पहुंचे 10 से अधिक देशों के विदेशी साधक। सौ-शक्तिधाम
इसमें महामंडलेश्वर अनंतदास महाराज, त्रिवेणी दास महाराज, श्रीदेवी मां, जीवन दास महाराज, ललिताश्री मां, आचार्य दयानंद दास महाराज, राजेश्वरी मां के साथ बेल्जियम के क्लेमेंट, आयरलैंड के थामस, स्विट्जरलैंड के क्रिश्चियन, अमेरिका की एस्ट्रिड, जापान की सयाका, बेल्जियम की केली और कनाडा की एलोडी ने भी पवित्र स्नान किया। साईं मां लक्ष्मी देवी मिश्रा ने कहा "महाकुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, आध्यात्मिकता और संस्कृति का महासंगम है।
जान गंवाने वाले लोगों के प्रति व्यक्त की संवेदना
मौनी अमावस्या पर हुए हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उनके परिवारों के लिए प्रार्थना की और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उन्होंने कहा कि दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के स्वास्थ्य लाभ हेतु विशेष यज्ञ और प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया जाएगा।
स्नान करने के बाद जापान की सयाका ने इसे "अद्भुत और आत्मशुद्धि का अनुभव" बताया। वहीं अमेरिका की एस्ट्रिड ने कहा कि "महाकुंभ केवल भारत का नहीं, बल्कि पूरे विश्व का आध्यात्मिक आयोजन है, जिसने मुझे जीवन का नया दृष्टिकोण दिया।"
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मौनी अमावस्या पर 7 करोड़ भक्तों ने किया स्नान
महाकुंभ में मौनी अमावस्या के दिन संगम में लगभग 7 करोड़ श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन महाकुंभ में मंगलवार रात अमंगलकारी घटना घटी, जिसमें 30 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है और तकरीबन 90 श्रद्धालुओं के घायल होने की सूचना प्रशासन की ओर से मिली है। महाकुंभ के आयोजन के लिए बनाए गए अस्थायी जिले महाकुंभ नगर के डीआईजी वैभव कृष्ण ने बुधवार शाम को प्रेसवार्ता कर घटना की विस्तृत जानकारी दी।
डीआईजी महाकुंभ वैभव कृष्ण ने कहा, “ब्रह्म मुहूर्त से पहले रात 1 से 2 बजे के बीच अखाड़ा मार्ग पर भारी भीड़ जमा हो गई। इस भीड़ के कारण दूसरी तरफ लगे बैरिकेड टूट गए और भीड़ दूसरी तरफ ब्रह्म मुहूर्त की पवित्र डुबकी लगाने के लिए इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं पर चढ़ गई।”
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