ट्रैक मेंटेनरों अब यार्ड में हाथों से नहीं काटेंगे घास, मिलेंगी आधुनिक मशीनें, रेलवे ने लागू की व्यवस्था
रेलवे ने ट्रैक मेंटेनरों के लिए नई व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत अब वे यार्ड में हाथों से घास ...और पढ़ें

उत्तर रेलवे के प्रयागराज संगम, प्रयाग, फाफामऊ समेत अन्य मंडलों में ट्रैक मेंटेनर अब यार्ड में आधुनिक मशीनों से घास काटेंगे, रेलवे ने व्यवस्था लागू की है।
HighLights
उत्तर रेलवे के प्रयागराज संगम, प्रयाग, फाफामऊ समेत अन्य मंडलों में व्यवस्था लागू
ऐसे काम में जहरीले जंतुओं, नुकीले कांटों से घायल होने का भारी जोखिम रहता था
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। भारतीय रेल में पटरियों की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले हजारों ट्रैकमैन यानी ट्रैक मेंटेनरों के लिए राहत भरी व्यवस्था लागू की गई है। अब रेलवे यार्डों में उनसे हाथों के सहारे घास छिलवाने या जंगल कटवाने की मशक्कत नहीं कराई जाएगी।
उत्तर रेलवे के प्रयागराज संगम, प्रयाग, फामामऊ समेत अन्य मंडलों में यह व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब इनके लिए नई मशीनें खरीदी जाएंगी। पहले पटरियों और यार्ड के किनारे उगी झाड़ियों व घास को साफ करने के लिए कर्मचारियों को पारंपरिक औजारों से हाथ से काम करना पड़ता था। इसमें जहरीले कीड़े-मकोड़ों, सांप-बिच्छू और नुकीले कांटों से घायल होने का भारी जोखिम रहता था।
डीआरएम लखनऊ सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि अब कर्मचारियों को सुरक्षा दस्ताने और मोटर चालित आधुनिक मशीनें जैसे बुश कटर और ट्री कटर मुहैया कराए जाएंगे। इसके लिए अधिकारियों को तत्काल मशीनों की मांग मुख्यालय भेजने का निर्देश दिया गया है। वहीं, रेलवे यूनियन एनसीआरईएस के मंडल मंत्री चंदन कुमार सिंह ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे पूरे देश में तत्काल लागू करने की मांग की है।