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गोवर्धन पूजा और अन्नकूट उत्सव पर बन रहा दुर्लभ सौभाग्य और त्रिग्रही योग, जीवन में लाएगा सुख व समृद्धि

By Sharad Dwivedi Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sun, 08 Nov 2026 04:56 PM (IST)

गोवर्धन पूजा और अन्नकूट उत्सव इस बार सौभाग्य और त्रिग्रही योग के दुर्लभ संयोग के कारण बेहद खास है। प्रयागराज ...और पढ़ें

सौभाग्य योग, त्रिग्रही योग में 9 नवंबर को गोवर्धन देव पूजे जाएंगे।

सौभाग्य योग, त्रिग्रही योग में 9 नवंबर को गोवर्धन देव पूजे जाएंगे।

HighLights

  1. प्रयागराज के ज्योतिर्विदों के अनुसार पर्व जीवन में सुख, समृद्धि, वैभव लाएगा

  2. गोवर्धन पूजा पर्व 9 नवंबर को, मठ-मंदिरों में किए जाएंगे धार्मिक अनुष्ठान

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। धर्म और आस्था का प्रतीक गोवर्धन पूजा और अन्नकूट का उत्सव अबकी बेहद खास और अलौकिक है। सोमवार यानी 9 नवंबर को स्नान-दान की अमावस्या के साथ गोवर्धन पूजा का महापर्व पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा।

मठ-मंदिर और घरों में विशेष अनुष्ठान होंगे

इस बार गोवर्धन पूजा पर सौभाग्य योग और त्रिग्रही योग का एक अत्यंत दुर्लभ और फलदायी संयोग बन रहा है, जो श्रद्धालुओं के जीवन में सुख, समृद्धि और वैभव लाएगा। पुण्यबेला में मठ-मंदिर और सनातन धर्मावलंबियों के घरों में विशेष अनुष्ठान कराए जाएंगे।

सुबह 7.29 बजे तक स्वाति फिर विशाखा नक्षत्र

ज्योतिर्विद आचार्य देवेंद्र प्रसाद त्रिपाठी के अनुसार कार्तिक मास के शुक्लपक्ष की प्रतिपदा तिथि सोमवार सुबह 11.32 बजे से प्रारंभ हो जाएगी। इसी पुण्यबेला में गोवर्धन देव की पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके बाद गाय के गोबर का पर्वत बनाकर पूजा करना चाहिए। इस दिन कई मंगलकारी योग एक साथ होंगे। सुबह 07.29 बजे तक स्वाति नक्षत्र है। इसके बाद सुबह 7.30 बजे से विशाखा नक्षत्र की शुरुआत होगी।

'त्रिग्रही योग' मान-सम्मान, धन-धान्य की वृद्धि करेगा

विशाखा नक्षत्र के साथ सौभाग्य योग का अद्भुत संयोग बनना खास है। यह नए कार्य की शुरुआत, निवेश और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए सर्वोपरि फलदायी होता है। इस दिन तुला राशि में चंद्रमा, बुध और सूर्य एक साथ संचरण करेंगे। इन तीन प्रमुख ग्रहों की युति से बेहद प्रभावशाली 'त्रिग्रही योग' का निर्माण हो रहा है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में मान-सम्मान और धन-धान्य की वृद्धि कराने वाला माना गया है।

गोवर्धन पूजा की पूजन विधि

गाेवर्धन पूजा वाले दिन घर के आंगन अथवा मुख्य द्वार पर गाय के गोबर से प्रतीकात्मक गोवर्धन पर्वत (गिरिराज जी) की आकृति बनाकर उनका विधि-विधान से पूजन करना अत्यंत पुण्यकारी और कल्याणकारी माना गया है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण को विभिन्न प्रकार के अन्न और पकवानों का महाभोग (अन्नकूट) लगाया जाता है। साथ ही, सनातन परंपरा के अनुसार गायों को सजाकर उनकी सेवा की जाती है और आशीर्वाद लिया जाता है।

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