Prayagraj Flood News : गंगा और यमुना का जलस्तर भले ही कम हो रहा, प्रभावित इलाके के लोगों की बढ़ रहीं दुश्वारियां
प्रयागराज में दो माह में चार बार बाढ़ की मार से निचले इलाकों के लोग हैरान और परेशान हो गए हैं। इस बार भी गंगा और यमुना नदियों का पानी खतरे के निशान के बिल्कुल करीब था। हालांकि अब पानी कम हो गया है पर बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। घरों से पानी निकलने के बाद कीचड़ भर गया है।

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। गंगा और यमुना का जलस्तर भले ही कम हो रहा है मगर बाढ़ प्रभावित पीड़ितों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। घरों में घुसा पानी निकला तो कीचड़ भर गया। शरणालयों में रहे लोग जब घरों में पहुंचे तो वह कीचड़ देखकर परेशान हो गए। यही नहीं गलियों में भी कीचड़ व गंदगी पट गई है।
बाढ़ के चलते छह दिनों से संचालित शरणालयों में अभी वही संख्या है। लगभग 2,600 शरणार्थियों ने मांग उठाई है कि जल्द ही गलियों की सफाई जाए, जिससे वे अपने घरों को लौट सकें। दो माह में चार बार बाढ़ के कारण निचले इलाकों के लोग हैरान-परेशान हो गए हैं। इस बार गंगा और यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया था। अच्छा रहा कि खतरे के निशान के 28 सेमी नीचे गंगा थी तभी पानी कम होने लगा।
प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों के बाढ़ से तटीय इलाकों की लगभग डेढ़ लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित हो गई है। प्रभावित लोग अब भी घरों को नहीं लौट पा रहे हैं। इसका असर तटीय क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर पड़ा है। बाढ़ से गांवों के 142 मजरे और शहर की 36 बस्तियां प्रभावित हुई हैं। लगभग 76 सड़कें तथा दो दर्जन गलियां भी जलमग्न हो गई थीं।
राहत टीमों के साथ ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व पीएसी के बाढ़ राहत दल भी लगाए गए हैं। बाढ़ शरणालयों में अब भी लोग रुके हैं। सभी पांच शरणालयों में 2,605 पीड़ित हैं। कैंट मैरिज हाल सदर बाजार न्यू कैंट में 550 व्यक्ति (140 परिवार), ऐनीबेसेंट स्कूल ऐलनगंज में 550 लोग (135 परिवार), ऋषिकुल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राजापुर में 475 व्यक्ति (116 परिवार), महबूब अली इंटर कलेज, स्टेनली रोड बेली चौराहा में 400 व्यक्ति (110 परिवार), रीगल गेस्ट हाउस में 500 व्यक्ति (135 परिवार), सेंट जोसेफ गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल मम्फोर्डगंज में 130 व्यक्ति (32 परिवार) हैं।
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