घाटे की खेती को बॉय-बॉय, अब किसानों को फल-फूलों से उम्मीद; UP के कई जिलों में बढ़ा रुझान
उत्तर प्रदेश के किसान अब धान और गेहूं जैसी घाटे वाली पारंपरिक खेती छोड़कर फल और फूलों की खेती अपना ...और पढ़ें

प्रयागराज व अन्य जिलों के किसानों का फल और फूलों की खेती के प्रति रूझान बढ़ा है।
HighLights
फतेहपुर, जौनपुर, भदोही सहित आसपास के दूसरे जिलों में भी बदल रही तस्वीर
कृषि की बारीकियां और तकनीकें जानने को प्रयागराज आ रहे गैर जनपदों के किसान
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। धान, गेहूं के साथ सब्जी की खेती में रात-दिन मेहनत के बाद भी संतोषजनक परिणाम नहीं मिल रहे। खेती पुश्तैनी व्यवसाय है, इसे छोड़ भी नहीं सकते। इसी खेती को फायदे वाली बनाने की सोची है। आम की बाग लगाकर ऐसा होगा। यह सोच है फतेहपुर के खागा निवासी युवा किसान मो. आवेज की।
नगदी फसलों की तरफ किसान रुख कर रहे
परंपरागत फसलों के साथ दूसरी नगदी फसलों की तरफ किसान तेजी से रुख कर रहे हैं। अकेले प्रयागराज ही नहीं, बल्कि जौनपुर, भदोही, कौशांबी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, बांदा, चित्रकूट, जौनपुर, गोंडा, मीरजापुर सहित आसपास के दूसरे जनपदों में भी बदलाव यह बयार चल पड़ी है। आमदनी बढ़ाने के लिए किसान सिर्फ फसल ही नहीं बदल रहे, बल्कि नई-नई तकनीकें और नवीनतम तौर तरीके भी सींख रहे हैं।
किसान फूल, सब्जी खेती व बागवानी का प्रशिक्षण ले रहे
संगम नगरी के खुसरोबाग का औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र इसमें उनका बड़ा सहारा बन रहा है। हर साल करीब एक हजार किसानों को यहां प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस वक्त भी करीब आठ जिलों के 70 किसान यहां फूल, सब्जी की खेती व बागवानी का प्रशिक्षण ले रहे हैं। केंद्र प्रभारी वीके सिंह ने बताया कि हर साल करीब एक से डेढ़ हजार किसान केंद्र में प्रशिक्षण लेते हैं।
बोले किसान
10वीं तक पढ़ाई के बाद खेती ही कर रहा हूं। गन्ना, धान, गेहूं की खेती के साथ अब आम, अमरूद की बागवानी करनी है।
- अनुपम, कनैरा मैचक, फतेहपुर
आम की बाग खत्म हो गई है। इसे फिर से तैयार करना है। इससे खेती में फायदा होगा। बागवानी का प्रशिक्षण लेने आया हूं।
- राम भजन पांडेय, चित्रकूट
पठारी इलाके में धान, गेहूं व कुछ अन्य फसलें ही होती हैं। इसलिए, आम व अमरूद की बाग लगाने की सोंची है। ताकि, फायदा ज्यादा हो।
- उदयभान सिंह, शंकरगढ़
सब्जी की खेती पहले से कर रहा हूं। अब फूलों की नर्सरी का काम शुरू करना है। इसका प्रशिक्षण ले रहा हूं। उम्मीद है कि फायदा होगा।
- नीरज कुमार मौर्य, समोई, कौशांबी
