दीवाली-छठ पर्व पर घर लौटने की मारामारी, ट्रेनें फुल व बसों में भी जगह नहीं; स्पेशल ट्रेन व अतिरिक्त बसें भी कम पड़ रही
दीपावली और छठ पर्व पर प्रयागराज घर जाने वालों की भारी भीड़ है, जिससे ट्रेनें और बसें खचाखच भरी हुई ...और पढ़ें

प्रयागराज जंक्शन पर गंतव्य की ओर जाने वाले यात्री। जागरण
HighLights
दिल्ली-मुंबई से प्रयागराज आने वाली 80 से अधिक ट्रेनों में खचाखच भीड़
स्लीपर में वेटिंग 100 के पार, तत्काल टिकट भी मिनटों में हो रहे फुल
जीरो रोड, सिविल लाइंस, प्रयाग, लीडर रोड बस अड्डे पर यात्री उमड़ पड़े
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। दीपावली और छठ पर्व पर अपनों के बीच त्योहार मनाने की चाह में दूसरे शहरों में रहने वाले लोग घर लौट रहे हैं। दिल्ली, मुंबई समेत देश के विभिन्न शहरों से प्रयागराज आने वाली ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। हालत यह हैं कि प्रयागराज आने वाली 80 से अधिक ट्रेनों में सीटों के लिए मारामारी मची है।
स्लीपर कोच में प्रतीक्षा सूची 100 के नीचे नहीं आ रही है तो एसी थर्ड में भी कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। एसी फर्स्ट और सेकेंड क्लास में भी सीटें उपलब्ध नहीं हैं। तत्काल कोटे में टिकटों की बुकिंग शुरू होते ही चंद मिनटों में सभी बर्थ भर जा रही हैं। रेलवे की ओर से त्योहारों को देखते हुए स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है, लेकिन यात्रियों की संख्या के मुकाबले ये भी नाकाफी साबित हो रही हैं।
ट्रेनों में जगह नहीं मिलने के कारण बड़ी संख्या में यात्री रोडवेज बसों का सहारा ले रहे हैं। इससे बस अड्डों पर भी यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। प्रयागराज रीजन के जीरो रोड, सिविल लाइंस, प्रयाग और लीडर रोड बस अड्डों से संचालित होने वाली बसें यात्रियों से खचाखच भरी हुई हैं। मीरजापुर और प्रतापगढ़ डिपो से चलने वाली बसों में भी यही स्थिति है।
लखनऊ, दिल्ली समेत दूसरे जिलों और शहरों के लिए संचालित रीजन की करीब 75 एसी बसों में भी सीटें उपलब्ध नहीं हैं। रोडवेज ने त्योहारी भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त बसें लगाई हैं, लेकिन यात्रियों की संख्या इतनी अधिक है कि यह व्यवस्था भी कम पड़ रही है।
स्पेशल ट्रेनें भी नहीं दे पा रहीं राहत
त्योहारों पर ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए रेलवे की ओर से विभिन्न रूटों पर स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया है। इसके बावजूद नियमित ट्रेनों के साथ स्पेशल ट्रेनों में भी यात्रियों की भारी भीड़ है। दिल्ली और मुंबई से प्रयागराज आने वाले यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लंबी दूरी की ट्रेनों में स्लीपर श्रेणी की प्रतीक्षा सूची लगातार बढ़ रही है। कई ट्रेनों में वेटिंग 100 से अधिक पहुंच चुकी है। ऐसे में टिकट बुक कराने के बाद भी यात्रियों को कंफर्म बर्थ मिलने की उम्मीद कम है। एसी थर्ड में भी सीटों की उपलब्धता नहीं के बराबर है। वहीं, एसी फर्स्ट और सेकेंड श्रेणी में भी अधिकांश ट्रेनों में सीटें फुल हैं।
बस अड्डों पर भी यात्रियों का रेला
रेलवे में सीट नहीं मिलने के कारण रोडवेज बसों पर दबाव बढ़ गया है। जीरो रोड, सिविल लाइंस, प्रयाग और लीडर रोड बस अड्डों पर सुबह से देर रात तक यात्रियों की आवाजाही बनी हुई है। दिल्ली और लखनऊ समेत दूसरे शहरों के लिए जाने वाली बसों में भी यात्रियों की भीड़ है। मीरजापुर और प्रतापगढ़ डिपो की बसों में भी सीटों की उपलब्धता कम हो गई है। बस अड्डों पर पहुंचने वाले यात्रियों को अपनी मंजिल तक जाने के लिए बस का इंतजार करना पड़ रहा है। रीजन की करीब 75 एसी बसों में भी सीटें फुल होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। त्योहारों पर बेहतर सुविधा देने के लिए रोडवेज ने अतिरिक्त बसों का संचालन शुरू किया है, लेकिन यात्रियों की संख्या के आगे यह इंतजाम छोटे पड़ रहे हैं।
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