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मैं लघु सिंचाई विभाग से बोल रहा हूं..., 10 हजार रुपये दे दो तो बोरिंग करा दूंगा; साइबर अपराधियों की करतूत

By Surya Prakash Tiwari Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sun, 08 Nov 2026 07:12 PM (IST)

प्रयागराज में साइबर अपराधी लघु सिंचाई विभाग की बोरिंग योजना के नाम पर किसानों को ठग रहे हैं। वे विभाग ...और पढ़ें

लघु सिंचाई विभाग की बोरिंग योजना में साइबर ठगों का खेल, किसानों को निशाना बना रहे हैं।

लघु सिंचाई विभाग की बोरिंग योजना में साइबर ठगों का खेल, किसानों को निशाना बना रहे हैं।

HighLights

  1. लघु सिंचाई विभाग की मध्यम गहरी बोरिंग वाली योजना में साइबर अपराधियों की नजर

  2. आवेदन करने वाले किसानों को फोन करके झासे में लेकर लूटने का कर रहे हैं प्रयास

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। ‘मैं लघु सिंचाई विभाग से बोल रहा हूं। आपने छूट पर नलकूप बोरिंग की बोरिंग के लिए आवेदन किया है। बोरिंग कराने के लिए 10 हजार रुपये खर्च लगेगा। यह पैसे देंगे तभी बोरिंग होगी। नहीं तो आवेदन अटका ही रह जाएगा।’ सोरांव के किसान रमेश कुमार के पास साइबर अपराधियों की यह फोन काल आई तो वह असमंजस में पड़ गए। पैसे दें कि न दें, इस पर मंथन किया। विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया तो पता चला कि फोन जालसाजों ने किया था।

साइबर अपराधियों ने लघु सिंचाई विभाग की मध्यम गहरी बोरिंग में छूट की योजना को निशाने पर ले लिया है। इसके तहत आनलाइन आवेदन करने वाले किसानों को फोन करके उन्हें झासे में ले रहे हैँ। विभागीय अधिकारी-कर्मचारी बनकर किसानों से बात कर रहे हैं। योजना का लाभ दिलाने के नाम पर 10 से 20 हजार रुपये तक की डिमांड कर रहे हैं। हर महीने करीब 15 से 20 मामले इस तरह के सामने आ रहे हैं। जालसाजों की फोन काल आने के बाद किसान जब विभाग के ब्लाक व जनपद स्तरीय अधिकारियों से संपर्क करते हैं तो पता चलता है कि फोन करने वाले लोग फर्जी हैं।

लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता कुमार गौरव ने बताया कि इस तरह की शिकायतें तमाम आ रहीं हैं। सभी किसानों को सतर्क किया जा रहा है, ताकि वह जालसाजों के झांसे में न आएं।विकास भवन व ब्लाक स्तरीय कार्यालयों में भी विभागीय अधिकारियों के नंबर प्रदर्शित कराए गए हैं। ताकि, ऐसे मामलों में किसान तत्काल उनसे संपर्क कर सके।

क्या है मध्यम गहरी बोरिंग की योजना

मध्यम गहरी बोरिंग योजना के तहत बोरिंग की लागत का 50 फीसदी या अधिकतम 1.75 लाख, जो कम हो, उस धनराशि की छूट मिलती है। इसके अलावा बिजली का कनेक्शन लेने पर 68 हजार रुपये की छूट अलग से दी जाती है। एक बोरिंग में अमूमन 3.50 लाख रुपये खर्च होते हैं। इसमें 50 फीसदी किसान लगाते हैं, शेष रकम सरकार देती है।

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