विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

प्रयागराज में 16 फरवरी को 'कुंभ की आस्था और जलवायु परिवर्तन' पर सम्मेलन

Published: Tue, 11 Feb 2025 01:17 PM (IST)

16 फरवरी को प्रयागराज में कुंभ की आस्था और जलवायु परिवर्तन पर एक जलवायु सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा ...और पढ़ें

प्रयागराज में 16 फरवरी को 'कुंभ की आस्था और जलवायु परिवर्तन' पर सम्मेलन
प्रयागराज में 16 फरवरी को 'कुंभ की आस्था और जलवायु परिवर्तन' पर सम्मेलन

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश सरकार का पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग, आई फॉरेस्ट के साथ साझेदारी में 'कुंभ की आस्था और जलवायु परिवर्तन' शीर्षक से एक जलवायु सम्मेलन का आयोजन कर रहा है। कार्यक्रम का आयोजन 16 फरवरी को महाकुंभ मेला क्षेत्र में होगा।

यह जलवायु सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय गिरावट तेज हो रही है। ऐसे समय में, धार्मिक और आध्यात्मिक नेताओं को स्थायी प्रथाओं और जलवायु कार्रवाई को प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए।

यूपी सरकार धार्मिक केंद्रों और तीर्थस्थलों को स्थिरता का मॉडल बनने की तैयारी कर रहा है। इसमें सौर पैनल स्थापित करना, वर्षा जल संचयन प्रणाली लागू करना, कचरे का पुनर्चक्रण, एकल-उपयोग प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाना और पवित्र स्थानों के आसपास हरित क्षेत्र बनाना शामिल है।

सरकार के संकल्प में पर्यावरण और जलवायु शिक्षा, अभियानों और कार्रवाई योग्य प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए आस्था-आधारित संगठनों को वित्त पोषित करना भी शामिल है। इस कार्यक्रम में धार्मिक नेता, आस्था-आधारित संगठन, वैज्ञानिक, नीति निर्माता, पर्यावरणविद्, नागरिक समाज और उद्योग जगत के दिग्गज भाग लेंगे।

सीएम योगी करेंगे शुभारंभ

इस सम्मेलन का शुभारंभ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ करेंगे। सम्मेलन में गौर गोपाल दास, स्वामी मुकुंदानंद, शालिनी मेहरोत्रा ​​(श्री राम चंद्र मिशन से), सिस्टर मनोरमा (ब्रह्मा कुमारी), प्रोफेसर चंद्रमौली उपाध्याय (काशी विश्वनाथ मंदिर), स्वामी आत्मश्रद्धानंद (रामकृष्ण मिशन), आचार्य हरि दास गुप्ता (कैलाश मानसरोवर) और कई अन्य जैसे धार्मिक विचारक नेता भाग लेंगे।

इसमें ऊर्जा विभागों और प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी भी शामिल होंगे। नागरिक समाज की आवाजें जैसे डॉ. चंद्र भूषण (सीईओ, आईफॉरेस्ट), डॉ. राजेंद्र सिंह (वॉटरमैन ऑफ इंडिया) और उद्योग जगत के नेता जैसे अमरेंदु प्रकाश (अध्यक्ष, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) और अनिल कुमार जैन (अध्यक्ष, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड) इस अवसर की शोभा बढ़ाएंगे। श्री उपेन्द्र त्रिपाठी (राष्ट्रीय उन्नत अध्ययन संस्थान, भारतीय विज्ञान संस्थान, श्री राजेंद्र रत्नू (राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (एनआईडीएम) और श्री आरआर रश्मी (टीईआरआई)) और अन्य जैसे उल्लेखनीय शिक्षाविद भी पैनल चर्चा में भाग लेंगे।

इसे भी पढ़ें: Mahakumbh: 29 दिन में 45 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई संगम में डुबकी, माघ पूर्णिमा और शिवरात्रि पर भी बनेगा रिकॉर्ड