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छोटी दीवाली पर प्रयागराज में 500 करोड़ रुपये का कारोबार, पांच दिवसीय दीपपर्व के दूसरे दिन बाजार रोशन-गुलजार

By Rajendra Yadav Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sat, 07 Nov 2026 07:56 PM (IST)

छोटी दिवाली पर प्रयागराज के बाजारों में 500 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ी। बाजार देर रात तक गुलजार रहे।

छोटी दीवाली पर प्रयागराज में सिविल लाइंस में सजावटी सामान की खरीदारी करती युवती। जागरण

छोटी दीवाली पर प्रयागराज में सिविल लाइंस में सजावटी सामान की खरीदारी करती युवती। जागरण

HighLights

  1. बिजली झालरों से लेकर लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा की जमकर हुई खरीदारी

  2. घूमने वाली दीपमाला, आकर्षक डिजाइन के दीये, सजावटी कलश की डिमांड

  3. आटोमोबाइल बाजार में बुक कराए गए वाहनों की डिलीवरी लेने पहुंचे लोग

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। पांच दिवसीय दीपपर्व के दूसरे दिन यानी छोटी दीपावली पर शनिवार को भी बाजारों में रौनक बरकरार रही। सुबह से देर रात तक बाजारों में खरीदारों की भीड़ उमड़ी। रंग-बिरंगी झालर, दीये, मोमबत्ती और आकर्षक दीपमालाओं की जमकर खरीदारी की। पूजन के लिए लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाओं, कलश, लाई-लावा और अन्य पूजन सामग्री की दुकानों पर भी भीड़ रही।

देर रात तक बाजार गुलजार रहे

मिठाई के साथ ड्राई फ्रूट की दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ रही। आभूषण और वाहनों की खरीदारी का सिलसिला भी जारी रहा। कारोबार से जुड़े विशेषज्ञों ने छोटी दीवाली पर करीब 500 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान लगाया है। सिविल लाइंस, चौक, कटरा, सुलेमसराय समेत अन्य बाजारों में छोटी दीवाली पर घरों को सजाने और रोशन करने के लिए सजावटी सामानों की कई नई वैरायटी उपलब्ध रहीं। देर रात तक बाजार गुलजार रहे।

घूमने वाली दीपमाला, आकर्षक डिजाइन के दीये

पारंपरिक दीयों और मोमबत्तियों के साथ आधुनिक तकनीक से तैयार इलेक्ट्रानिक झालरों ने भी लोगों को आकर्षित किया। घूमने वाली दीपमाला, आकर्षक डिजाइन के दीये, सजावटी कलश और रिमोट से संचालित होने वाली झालरों की खूब बिक्री हुई। बैटरी से चलने वाली कैंडल, डक लाइट, एलईडी, मल्टीकलर राकेट एलईडी, लोटस बल्ब और राउंडेबल बल्व की भी मांग रही। घरों के दरवाजों, बालकनी, छतों और पूजा स्थलों को सजाने के लिए लोगों ने अपनी पसंद के अनुसार रंग-बिरंगी लाइटें खरीदीं।

रिमोट वाले झालर, हाइड्रोलिक मूर्तियों का आकर्षण

रिमोट से संचालित होने वाली झालरों ने खरीदारों को खूब आकर्षित किया। इन झालरों में अलग-अलग रंगों और रोशनी के पैटर्न बदलने की सुविधा होने से लोग इन्हें पसंद कर रहे थे। मल्टीकलर राकेट एलईडी और डक लाइट से घरों की सजावट को नया रूप देने की तैयारी रही। वहीं, पूजा घरों और मंदिरों को सजाने के लिए लोटस बल्ब और राउंडेबल बल्ब की खरीदारी भी हुई। पूजन सामग्री की दुकानों पर भी सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी। लक्ष्मी-गणेश की पारंपरिक प्रतिमाओं के साथ प्लेट फ्रेम में उपलब्ध हाइड्रोलिक गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां भी लोगों की पसंद बनी रहीं। इसके अलावा मिट्टी के दीये, डिजाइनर दीये, कलश और पूजन से जुड़ी अन्य सामग्री की बिक्री भी खूब हुई। लोगों ने घरों के मुख्य द्वार और पूजा स्थल को सजाने के लिए अलग-अलग आकार और डिजाइन के दीये खरीदे।

लाई-लावा और मिठाई के साथ ड्राई फ्रूट की खरीदारी

पूजन और पारंपरिक खानपान से जुड़ी वस्तुओं की खरीदारी भी खूब हुई। लाई, लावा, खील, बताशे और अन्य पूजन सामग्री की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ रही। परिवार के साथ बाजार पहुंचे लोगों ने दीपावली पूजन के लिए जरूरी सामान की खरीदारी की। मिठाई की दुकानों पर भी सुबह से देर शाम तक ग्राहकों की आवाजाही बनी रही। इस बार लोगों ने परंपरागत मिठाइयों के साथ ड्राई फ्रूट की खरीदारी में भी दिलचस्पी दिखाई। काजू, बादाम, पिस्ता, अखरोट, किशमिश और ड्राई फ्रूट के आकर्षक पैक उपहार के तौर पर खरीदने वालों की संख्या भी अच्छी रही। मिठाई और ड्राई फ्रूट की दुकानों पर पैकिंग और गिफ्ट बाक्स की मांग भी दिखाई दी। लोग रिश्तेदारों, मित्रों और परिचितों को दीपावली की शुभकामनाओं के साथ मिठाई और मेवे भेंट करने के लिए खरीदारी करते नजर आए।

आभूषण, वाहनों की खरीदारी आज भी

धनतेरस पर खरीदारी करने के बाद भी लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ। छोटी दीपावली पर भी सराफा बाजार में ग्राहकों की आवाजाही बनी रही। सोने-चांदी के आभूषणों के साथ सिक्कों और उपहार में देने योग्य वस्तुओं की खरीदारी हुई। वहीं, आटोमोबाइल बाजार में भी लोग वाहन खरीदने और उनकी डिलीवरी लेने पहुंचे। कई लोगों ने त्योहार के शुभ अवसर पर अपने घर नया वाहन लाने की तैयारी की थी। धनतेरस के बाद छोटी दीपावली पर भी वाहन खरीदने वालों के पहुंचने से शोरूमों में रौनक बनी रही।

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