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डाला छठ पर निकट, प्रयागराज में गंगा-यमुना के घाटों को व्यवस्थित करने की प्रक्रिया सुस्त; जताई चिंता

By Sharad Dwivedi Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sun, 08 Nov 2026 07:02 PM (IST)

प्रयागराज में डाला छठ महापर्व से पहले गंगा-यमुना के घाटों पर तैयारियां धीमी हैं, जिससे श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ गई ...और पढ़ें

डाला छठ को लेकर प्रयागराज संगम क्षेत्र के घाट पर फैली  अव्यवस्था को देखते लोग। सौ. समिति

डाला छठ को लेकर प्रयागराज संगम क्षेत्र के घाट पर फैली अव्यवस्था को देखते लोग। सौ. समिति

HighLights

  1. 13 नवंबर से आरंभ हो जाएगा चार दिवसीय सूर्य उपासना का महापर्व 

  2. पूर्वांचल विकास एवं छठ पूजा समिति ने काम तेज करने की उठाई मांग

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। सूर्योपासना का महापर्व डाला छठ 13 नवंबर से आरंभ हो जाएगा। लोक आस्था के चार दिवसीय महापर्व में गंगा-यमुना के घाटों पर स्नान और पूजन करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। हर घाट पर लाखों श्रद्धालुओं का जमघट लगेगा, लेकिन अभी उसके मद्देनजर तैयारी शुरू नहीं हुई।

संगम के आस-पास घाट बनाने का काम अत्यंत सुस्त है। वहीं, गंगा और यमुना घाट पर काम शुरू नहीं हुआ। इस पर पूर्वांचल विकास एवं छठ पूजा समिति ने नाराजगी व्यक्त की है। समिति के अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में रविवार को संगम तट के आस-पास घाटों की साफ-सफाई कराने के साथ उसे व्यवस्थित कराया गया।

घाटों की सफाई, उसे व्यवस्थित करने, प्रकाश और पार्किंग को लेकर अभी अपेक्षा के अनुरूप काम नहीं कराया गया है। समिति के अध्यक्ष अजय राय का कहना है कि छठ पूजा से पहले गंगा व यमुना घाटों की व्यापक सफाई होनी चाहिए। जल के आस-पास जमा गंदगी हटाने तथा श्रद्धालुओं के बैठकर पूजा करने की व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए। इसको लेकर समिति के सदस्य प्रतिदिन श्रमदान करेंगे।

कृष्णानंद तिवारी ने कहा, संगम नोज पर आयोजित होने वाली छठ पूजा पूर्वांचल की आस्था, परंपरा और संस्कृति का प्रतीक है। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा तट पर पहुंचकर भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं। ऐसे में घाटों की स्वच्छता, पार्किंग, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम बेहद जरूरी हैं। इस अवसर पर जगदेवानंद दुबे, संजीव सिंह, ओपी सिंह, अरुण कुमार मालवीय, प्रसिद्ध पांडेय, सुरेश यादव, अवनीश कुमार आदि मौजूद रहे।

डाला छठ की प्रमुख तारीख

13 नवंबर को नहाय-खाय (पर्व का पहला दिन)
14 नवंबर को खरना (पर्व का दूसरा दिन)
15 नवंबर को डाला छठ का मुख्य दिन संध्या अर्घ्य (डूबते सूर्य को अर्घ्य)
16 नवंबर को उषा अर्घ्य (उगते सूर्य को अर्घ्य) और व्रत का पारण

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