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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Prayagraj News: पूर्व सांसद रेवती रमण समेत चार के खिलाफ चार्जशीट, पुलिस की विवेचना में सही पाए गए सभी आरोप

Published: Tue, 03 Sep 2024 01:13 PM (IST)

लोकसभा चुनाव के दौरान 25 मई को करेली थाने के बाहर जमकर हंगामा हुआ था। रेवती रमण और उनके समर्थकों ...और पढ़ें

पूर्व सांसद रेवती रमण सिंह। - फाइल फोटो
पूर्व सांसद रेवती रमण सिंह। - फाइल फोटो

HighLights

  1. मतदान के दिन हुआ था बखेड़ा, पुलिस से झड़प
  2. सपा नेता और उनके समर्थकों पर कानूनी शिकंजा कसा

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। लोकसभा चुनाव के दिन करेली स्थित लेखपाल ट्रेनिंग सेंटर पोलिंग बूथ पर पुलिस से झड़प और बखेड़ा करने के मुकदमे में पूर्व सांसद रेवती रमण सिंह, वकील रेहान अहमद, समर्थक हरिओम साहू और गुलशेर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो गई है। पुलिस की विवेचना में अभियुक्तों पर लगाए गए सभी आरोप सही पाए गए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से समाजवादी पार्टी (सपा) नेता और उनके समर्थकों पर कानूनी शिकंजा कस गया है। मुकदमे में सात-सीएलए एक्ट की धारा भी बढ़ाई गई है।

25 मई को लोकसभा चुनाव के दौरान करेली थाने के बाहर जमकर हंगामा हुआ था। रेवती रमण और उनके समर्थकों ने पुलिस से धक्कामुक्की व झड़प की थी। इसके बाद पुलिस ने पूर्व सांसद को ले जाकर थाने में बैठा दिया था, जिस पर उनके बेटे लोकसभा प्रत्याशी उज्जवल रमण सिंह पहुंच गए थे। पुलिस पर पोलिंग बूथ से मतदाताओं को खदेड़ने का आरोप लगाते हुए सैकड़ों समर्थकों ने बखेड़ा किया था।

सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप  

घटना के बाद दारोगा मनीष कुमार राय की तहरीर पर करेली थाने में रेवती रमण सिंह, उनके चालक चंद्रशेखर और 50 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम समेत कई धाराओं में मुकदमा लिखा गया था। इसमें कहा गया था कि बिना इलेक्शन एजेंट हुए बूथ पर पहुंचे थे। सरकारी कार्य में बाधा भी पहुंचाने का पुलिस ने आरोप लगाया था।

पुलिस का कहना है कि मुकदमे की विवेचना के दौरान हरिओम समेत कई अन्य के नाम प्रकाश में आए। सीसीटीवी और वीडियो फुटेज के आधार पर सात-सीएलए एक्ट की धारा बढ़ाई गई है। एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि मुकदमे में पूर्व सांसद समेत चार अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। मुकदमे की विवेचना अभी प्रचलित है।

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