जागरण संवाददाता, प्रयागराज। अतीक अहमद और अशरफ के हत्यारोपितों की बुधवार को होने वाली सुनवाई एक बार फिर टल गई है। प्रतापगढ़ जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुए तीनों आरोपितों के अधिवक्ताओं के उपस्थित नहीं रहने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी।
अदालत ने सुनवाई के लिए तीन नवंबर की अगली तारीख तय कर दी है। उमेश पाल हत्याकांड के बाद 15 अप्रैल की रात अतीक और उसके भाई अशरफ की काल्विन अस्पताल परिसर में पुलिस कस्टडी में गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। शूटआउट के बाद तीनों शूटरों ने पिस्टल फेंककर सरेंडर कर दिया था।
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गिरफ्तार तीनों आरोपित हमीरपुर जनपद का सनी सिंह, बांदा जनपद का लवलेश तिवारी और कांसगंज जिले का अरुण मौर्य प्रतापगढ़ जिला कारागार में निरुद्ध हैं। इन आरोपितों के विरुद्ध जांच के बाद विशेष जांच दल (एसआइटी) ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में 13 जुलाई को आरोप पत्र दाखिल किया था। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार गौतम ने आरोप पत्र पर संज्ञान लेने के बाद मुकदमे को परीक्षण के लिए सत्र न्यायालय को सुपुर्द करने का आदेश दिया था।
तीन नवंबर को होगी सुनवाई
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाब चंद्र अग्रहरि ने बताया कि हत्यारोपित अरुण, लवलेश और सनी सिंह के विरुद्ध आइपीसी की धारा 302, 307, 302, 120 बी, 419, 420, 467, 468, सेवन क्रिमिनल ला अमेंडमेंट एक्ट के तहत आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया है। नियत तिथि पर इन्हीं धाराओं के अंतर्गत आरोपितों पर आरोप तय होना है। पिछली तिथि पर भी तीनों हत्यारोपित के वकील नहीं उपस्थित हुए थे। बुधवार को नियत तारीख पर हत्यारोपित वीडियो कांफ्रेंसिंग से अदालत में पेश हुए लेकिन वकील नदारद रहे। ऐसे में अदालत ने तीन नवंबर की तिथि सुनवाई के लिए नियत की है।
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