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    इलाहाबाद हाई कोर्ट के वकीलों की हड़ताल जारी, न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के ट्रांसफर का किया विरोध

    Updated: Wed, 26 Mar 2025 07:48 PM (IST)

    Allahabad High Court इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन (एचसीबीए) की हड़ताल बुधवार को लगातार दूसरे दिन जारी रही । एसोसिएशन ने गुरुवार को भी न्यायिक कार्य से विरत रहने की घोषणा की है । हाई कोर्ट के गेट नंबर तीन पर हुई सभा में पदाधिकारियों संग अधिवक्ताओं ने दोहराया कि न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा का इलाहाबाद हाई कोर्ट में स्थानांतरण उन्हें अमान्य है ।

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    न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा - जागरण ग्राफिक्स ।

    विधि संवाददाता, प्रयागराज। दिल्ली हाई कोर्ट के वरिष्ठ न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को इलाहाबाद हाई कोर्ट में प्रत्यर्पित करने संबंधी संस्तुति रद करने की मांग को लेकर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन इलाहाबाद (एचसीबीए) की हड़ताल बुधवार को लगातार दूसरे दिन जारी रही।

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    एसोसिएशन ने गुरुवार को भी न्यायिक कार्य से विरत रहने की घोषणा की है। हाई कोर्ट के गेट नंबर तीन पर हुई सभा में पदाधिकारियों संग अधिवक्ताओं ने दोहराया कि न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा का इलाहाबाद हाई कोर्ट में स्थानांतरण उन्हें अमान्य है। एचसीबीए ने कुछ ऐसे सदस्यों को निलंबित किया है, जिन्होंने चेतावनी और मनाही के बावजूद कार्य किया।

    हालांकि कितने सदस्यों पर कार्रवाई की गई है, इसे सार्वजनिक नहीं किया गया है। एसोसिएशन की आम सभा सुबह 9:30 बजे कार्यकारी अध्यक्ष राजेश खरे की अध्यक्षता में हुई। इसका संचालन महासचिव विक्रान्त पाण्डेय ने किया।

    कहा- न्यायमूर्ति वर्मा अमान्य

    संयुक्त सचिव (प्रेस) पुनीत शुक्ल की विज्ञप्ति के अनुसार, सभी ने एकमत से इस बात पर सहमति दी कि न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा का इलाहाबाद उच्च न्यायालय में स्थानांतरण आदेश पूर्णतया अमान्य है और ऐसा कोई भी कुत्सित प्रयास जिससे इलाहाबाद उच्च न्यायालय की गरिमा पर कुठाराघात हो रहा हो, उसका विरोध होगा।

    भ्रष्टाचार की जड़ में परिचितों का न्यायालय में प्रैक्टिस करना भी बताया गया। वक्ताओं ने कहा, उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति ‘अंकल जज सिंड्रोम’ से ग्रसित हैं। भ्रष्टाचार का सामना कर रहे किसी न्यायमूर्ति को उसके पैतृक न्यायालय में भेजने का फैसला उन्हें पुरस्कृत करने जैसा है, न कि दंड।

    इलाहाबाद हाई कोर्ट में न्यायमूर्तियों के खाली पद के कारण दिन प्रतिदिन मुकदमों का बोझ बढ़ता जा रहा है। सभी वरिष्ठ अधिवक्ताओं, पूर्व अध्यक्ष व महासचिव से अनुरोध किया गया है कि वे गुरुवार दोपहर दो बजे ओल्ड स्टडी रूम में आगामी रणनीति के संबंध में अपना सुझाव दें।

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