विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

कोडीन सीरप कांड के आरोपियों को इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ा झटका, गिरफ्तारी पर रोक की याचिका खारिज

By Jagran News Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Fri, 19 Dec 2025 02:54 PM (GMT+05:30)Updated: Fri, 19 Dec 2025 07:24 PM (GMT+05:30)

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कोडीन सीरप कांड के आरोपियों को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर ...और पढ़ें

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कोडीन सीरप कांड मामले में आरोपियों की याचिका खारिज कर दी है।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कोडीन सीरप कांड मामले में आरोपियों की याचिका खारिज कर दी है। 

HighLights

  1. इस मामले की जांच में हस्तक्षेप से हाई कोर्ट का इन्कार, कहा- विवेचना की जाए

  2. 23 एफआइआर में नामजद आरोपितों की याचिकाएं खारिज, गिरफ्तारी से बचने को दाखिल की थी

विधि संवाददाता, जागरण, प्रयागराज। कोडीनयुक्त कफ सीरप तस्करी मामले में नामजद आरोपियों को इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। आरोपियों की वह याचिकाएं हाई कोर्ट ने खारिज कर दी हैं जिनमें एफआइआर रद करने की मांग की गई थी। कोर्ट ने विवेचना में हस्तक्षेप करने से इन्कार कर दिया है।

कई जिलों में कुल 23 याचिकाएं दाखिल की गईं

सोनभद्र, संत रविदास नगर,बस्ती, गाजियाबाद, कानपुर नगर, जौनपुर व वाराणसी जिले में कुल 23 याचिकाएं दाखिल की गई हैं। सोनभद्र में ही 1,19,675 बोतलें बरामद की गई थीं इसी तरह अन्य जिलों में भी आबकारी विभाग ने भारी मात्रा में घातक कफ सीरप की बरामदगी कर एफआईआर दर्ज की है। विभिन्न जिलों के आरोपियों ने दर्ज एफआइआर को चुनौती दी थी। कोर्ट ने सभी याचिकाएं खारिज कर दीं।

तीन दिन दोनों पक्षों की तरफ से दलील दी गई

यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अचल सचदेव की खंडपीठ ने सोनभद्र के बीरेंद्र लाल वर्मा,बस्ती की खुशबू गोयल सहित अन्य कई जिलों के आरोपियों की याचिकाओं पर सुनाया है। तीन दिन दोनों पक्षों की तरफ से दलील दी गई।

आरोपित पक्ष की दलील

आरोपित की तरफ से कहा गया कि मामला ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत आता है। इसलिए इसमें प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकती। इस एक्ट में कंप्लेंट का प्रावधान है लेकिन पुलिस बीएनएस और एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज कर रही है।

राज्य सरकार की ओर से दिया गया तर्क 

राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी व एजीए पारितोष मालवीय ने कहा कि कफ सीरप में कोडीन फास्फेट नामक तत्व मिला है। इसका उपयोग सिर्फ नशे के लिए किया जा रहा है। इसलिए मामला एनडीपीएस एक्ट का है । इसके प्रविधानों का याचियों ने उल्लंघन किया और फर्जी फर्म बनकर सिर्फ कागज पर ट्रांजिक्शन दिखाया गया है। सोनभद्र में सूचना मिलने पर दो कंटेनर सीरप बोतल पकड़ी गई, यह गाजियाबाद से झारखंड ले जाई जा रही थी। पहले ड्राइवर ने कहा कि नमकीन चिप्स पैकेट हैं, कड़ाई बरतने पर बताया कि नमकीन पैकेट के बीच में कोडीन युक्त कफ सीरप है। वाहन हिंदुआरी से शक्तिनगर के बीच पकड़ा गया।

अन्य जिलों में भी एफआइआर दर्ज की गई

कहा गया कि आबकारी इंस्पेक्टर द्वारा एफआइआर दर्ज कराई गई। इसी तरह से अन्य जिलों में भी अब कफ सीरप की बरामदगी के बाद एफआइआर दर्ज की गई है। जिसकी जांच जारी है, इस पर कोर्ट ने विवेचना में हस्तक्षेप से इन्कार करते हुए याचिकाएं खारिज कर दीं।