इलाहाबाद हाई कोर्ट ने चार्जशीट की तारीख पर उठाए सवाल, एसपी महराजगंज से मांगा व्यक्तिगत हलफनामा
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने महराजगंज पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट की तारीख पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने एसपी महराजगंज को व्यक्तिगत हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया है।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय।
HighLights
हलफनामा पेश नहीं किया गया तो एसपी को अदालत में उपस्थित होना पड़ेगा
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने नवी रसूल की याचिका पर यह आदेश जारी किया है
विधि संवाददाता, जागरण, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने महराजगंज पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट की तारीख पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने महराजगंज के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को अगली सुनवाई तक अपना व्यक्तिगत हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया है। यदि ऐसा नहीं किया गया तो उन्हें अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया गया है।
न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने नवी रसूल की याचिका पर यह आदेश जारी किया। याचिका में थाना घुघली में दर्ज एफआईआर की विवेचना शीघ्र और निष्पक्ष रूप से पूरा करने की मांग की गई है।
कोर्ट ने कहा कि आफिस रिपोर्ट में बताया गया है कि पुलिस ने 2024 में ही चार्जशीट दाखिल कर दी है जबकि यह याचिका 2025 में दाखिल हुई थी और तब से लगातार सरकार से विवेचना की प्रगति पूछी जा रही थी। एफआईआर 13 अक्टूबर 2024 को दर्ज हुई थी और 90 दिन की अवधि पूरी होने से पहले ही नया साल आ गया, ऐसे में 2024 में चार्जशीट कैसे दाखिल हो गई, यह समझ से परे है। मामले में 15 अक्टूबर 2026 को फिर सुनवाई होगी।
