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फर्रुखाबाद पुलिस पर फर्जी साक्ष्य गढ़ने का आरोप, इलाहाबाद HC ने गिरफ्तारी अवैध ठहराया; विवेचक पर FIR दर्ज करने का आदेश

By Suresh pandey Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Thu, 05 Nov 2026 07:54 PM (IST)

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने फर्रुखाबाद पुलिस द्वारा मोहम्मद यासीन की गिरफ्तारी को अवैध बताया। कोर्ट ने फर्जी साक्ष्य गढ़ने और ...और पढ़ें

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HighLights

  1. बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका सुनवाई, अगली सुनवाई 16 नवंबर को

  2. हाई कोर्ट ने याची को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया

विधि संवाददाता, जागरण, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने फर्रुखाबाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए मोहम्मद यासीन की गिरफ्तारी को अवैध करार दिया है। न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति अचल सचदेव की खंडपीठ ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने याची को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया है, बशर्ते वह किसी अन्य मामले में वांछित न हो। मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर 2026 को होगी।

याची पर शिकायतकर्ता की बेटी को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। पुलिस रिकार्ड में गिरफ्तारी 14 सितंबर 2026 को दर्ज है। याची का कहना था कि वह 13 सितंबर को वकील के साथ जांच में शामिल होने थाने गया था और उसी दिन उसे हिरासत में ले लिया गया। उसकी जमानत अर्जी अधीनस्थ अदालत खारिज कर चुकी थी।

राज्य सरकार के वकील ने कहा कि गिरफ्तारी का मेमो और कारण अलग-अलग तैयार कर उसी दिन याची को दिए गए थे। हालांकि, कोर्ट ने पुलिस की ओर से सरकारी वकील को भेजे दस्तावेजों और याचिका के साथ लगी प्रति का मिलान किया तो अंतर मिला। याची को दी गई प्रति में केवल बीएनएस की धारा 108 का उल्लेख था। मुकदमा दर्ज होने और आत्महत्या के लिए उकसाने के साक्ष्य का विवरण उसमें नहीं था, जबकि पुलिस की प्रति में ये बातें बाद में जोड़ी गई प्रतीत हुईं।

पीठ ने कहा कि इससे लगता है कि गिरफ्तारी के कारण याची को बताए ही नहीं गए और विवेचक ने बाद में उन्हें जोड़कर रिमांड मजिस्ट्रेट तथा जमानत सुनवाई के दौरान अदालतों के सामने पेश किया। कोर्ट ने इसे बीएनएस के अध्याय 14 के तहत अपराध प्रतीत होने वाला कृत्य बताया और इसकी निंदा की। सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों के अनुरूप गिरफ्तारी के आधार न बताने पर गिरफ्तारी अवैध ठहराई गई। फर्रुखाबाद के पुलिस अधीक्षक को विवेचक के खिलाफ तत्काल एफआइआर दर्ज कराने और सात दिन में अनुपालन रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया गया है।

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