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प्रयागराज में 1500 व प्रतापगढ़ में भूमि बंटवारे के 712 वाद लंबित, तहसीलदार व नायब पर होगी कार्रवाई

By Gyanendra Singh1 Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sun, 18 Oct 2026 03:08 PM (IST)

मंडलायुक्त ने प्रयागराज, प्रतापगढ़ सहित चार जिलों में भूमि बंटवारे और दाखिल खारिज के हजारों लंबित मामलों पर सख्त रुख ...और पढ़ें

प्रयागराज और प्रतापगढ़ में भूमि बंटवारे के सैकड़ों के केस लंबित हैं।

प्रयागराज और प्रतापगढ़ में भूमि बंटवारे के सैकड़ों के केस लंबित हैं।

HighLights

  1. चारों जिलों के एडीएम, एसडीएम व तहसीलदार सहित अन्य लापरवाह अफसरों पर कसेगा शिकंजा

  2. जनपदों में बंटवारे और दाखिल खारिज के बड़ी संख्या में आवेदन निर्धारित सीमा के बाद भी लंबित

ज्ञानेन्द्र सिंह, प्रयागराज। जमीनों के कानूनी बंटवारे से जुड़े मामलों का निस्तारण छह माह में होना चाहिए लेकिन प्रयागराज में 1503 और प्रतापगढ़ की तहसीलों में 712 वाद यह समय सीमा लांघ चुके हैं। कौशांबी में 271 तो फतेहपुर में 245 वाद इस दायरे के पार निकल चुके हैं।

अब कार्रवाई के निर्देश 

मंडलायुक्त के लगातार निर्देशों के बाद भी तहसीलदार व नायब तहसीलदारों ने तेजी नहीं दिखाई। डिविजनल कमिश्नर ने सभी जिलाधिकारियों को संबंधित तहसीलदार व नायब तहसीलदारों के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

प्रगति की स्थिति बेहद खराब 

मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने गत दिवस समीक्षा की थी, जिसके बाद अब कार्रवाई के निर्देश जारी हुए हैं। इसमें सिर्फ बंटवारे के ही नहीं, बल्कि अन्य कार्यों की प्रगति भी देखी थी, जिसमें स्थिति बेहद खराब मिली। आईजीआरएस की शिकायतों में संतुष्टि फीडबैक को 80 और शिकायतकर्ताओं से संपर्क करने की स्थिति 90 फीसद तक लाने के निर्देश दिए थे।

अविवादित वरासत मामले 7 दिन में निस्तारित होने चाहिए

जबकि, संतुष्टि का फीडबैक प्रयागराज में 63.92, कौशांबी में 59.03, फतेहपुर में 55.25 और प्रतापगढ़ में 59.19 मिली। जबकि संपर्क करने की प्रगति प्रयागराज में 79.98, कौशांबी में 79.08, फतेहपुर में 75.02, प्रतापगढ़ में 75.98 मिली। अविवादित वरासत के मामलों का सात दिन के अंदर निस्तारण होना चाहिए।

अफसरों के पास निस्तारण की राह देख रहीं फाइलें 

प्रयागराज में 230 और प्रतापगढ़ में 27 प्रकरण ऐसे थे तो इससे भी अधिक समय से लंबित हैं। नामांतरण के मामलों के निस्तारण के लिए 90 दिन का समय निर्धारित है। प्रयागराज में 707, प्रतापगढ़ में 618, कौशांबी में 182 और फतेहपुर में 185 मामलों की फाइलें 90 दिन से अधिक समय से तहसीलदारों व नायब तहसीलदारों के यहां निस्तारण की राह देख रहीं हैं।

मंडलायुक्त ने पूर्व की बैठकों में आदेश दिया था 

इसके अलावा अवैध अतिक्रमण संबंधित मामलों में हुई कार्रवाइयों का रजिस्टर बनाने का आदेश तहसीलों को दिया था। इसका भी पालन जनपदों में होता नहीं मिला। मंडलायुक्त ने संपूर्ण समाधान दिवस के शिकायत पंजीकरण रजिस्टर को पूर्ण रखने का आदेश पूर्व की बैठकों में अफसरों को दिया था।

4 जिलों के डीएम को कार्रवाई के निर्देश 

बीते दिनों प्रतापगढ़ के कुंडा और कौशांबी की चायल में निरीक्षण के दौरान इस पर अभी अमल नहीं पाया। इन्हीं सभी मामलों में मंडलायुक्त ने चारों जनपदों के जिलाधिकारियों को पत्र जारी करके संबंधित एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित अन्य राजस्व कर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

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