UP Board Results 2025: 73 साल में पास की इंटर की परीक्षा, कहा- ज्ञानार्जन की कोई उम्र नहीं होती
प्रतापगढ़ के दयाराम मौर्य रत्न ने 73 साल की उम्र में इंटरमीडिएट की परीक्षा 73% अंकों से उत्तीर्ण की। पहले उन्होंने पालि विषय से हाईस्कूल भी पास किया था। वहीं कनेहटी की महक जायसवाल ने 97.2% अंकों के साथ यूपी बोर्ड परीक्षा में टॉप किया है। दयाराम जी कहते हैं कि ज्ञानार्जन की कोई उम्र नहीं होती।

जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़। मन में कुछ कर गुजरने, नया इतिहास रच देने की ललक हो तो उम्र मायने नहीं रखती। ऐसी ही मिसाल पेश की है जनपद के प्रतिष्ठित साहित्यकार एवं पूर्व एडीआइओएस डॉ दयाराम मौर्य रत्न ने।
उन्होंने इस साल की यूपी बोर्ड की इंटर की परीक्षा पालि विषय से 73 प्रतिशत अंक से पास की। शुक्रवार को जब परिणाम आया तो उनको काफी आत्मसंतोष हुआ। इसके पहले उन्होंने पालि विषय से ही हाईस्कूल की परीक्षा 82 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की थी।
सरकारी सेवा से अवकाश ग्रहण करने के बाद भी उन्होंने किताबों से रिश्ता न केवल बनाए रखा, बल्कि और मजबूत ही किया।
संस्थागत छात्र के रूप में एलएलबी परीक्षा पीजी कालेज अयोध्या से प्रथम श्रेणी में पास की। आल इंडिया बार परीक्षा में भी सफल हुए।
उनकी इन सफलताओं पर प्रबुद्धजनों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। डॉ रत्न कहते हैं कि ज्ञानार्जन की कोई उम्र नहीं होती। इसे सतत करना चाहिए। वह नई पीढ़ी को शिक्षा व संस्कारों के मार्ग पर चलने को प्रेरित करते रहेंगे।
महक जायसवाल ने कनेहटी का नाम रोशन किया
प्रतिभा है तो कभी न उजागर हो जाती है, बहुत ही सामान्य परिवार में कनेहटी निवासिनी महक जायसवाल ने उत्तर प्रदेश बोर्ड की परीक्षा में 97.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान उत्तर प्रदेश में हासिल किया। महक जायसवाल की काबिलियत से कनेहटी का नाम रोशन किया है।
कक्षा एक से पांच तक पढ़ाई प्राथमिक विद्यालय कनेहटी में ही किया, तत्पश्चात कक्षा 6 से अपनी पढ़ाई बच्चा राम यादव इंटरमीडिएट कालेज भुलई का पूरा बाबूगंज में किया।
महक जायसवाल की सफलता से उनके परिजन तो गदगद है ही, लेकिन इसकी सफलता से गांव के लोग भी अपने को गौरवान्वित महसूस कर रहे है, और कह रहे है कि इस बिटिया की सफलता ने आज पूरे प्रदेश में कनेहटी का नाम भी रोशन किया।
महक जायसवाल के पिता शिव प्रसाद जायसवाल मुंडेरा मंडी के समीप पान की गोमती रखकर ब्यवसाय करते हैं पुत्र आयुष जायसवाल भी अपने पिता के दुकान में सहयोग करता है।
माता कुसुम जायसवाल अपने गो सेवा से धनार्जन करके अपने तीन पुत्रियों को पढ़ा रही है।जिनके मेहनत का परिणाम है कि पहली पुत्री ने इंटरमीडिएट की परीक्षा में जिला में चौथा स्थान प्राप्त किया, दूसरी पुत्री महक जायसवाल ने उत्तर प्रदेश में इंटरमीडिएट की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
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