Pratapgarh News : करंट से मां-बेटे की दर्दनाक मौत दे गया गम, मां की चीख सुनकर बचाने गया था बेटा
प्रतापगढ़ के तेजगढ़ गांव में करंट से मां-बेटे की मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब मां एमसीवी के पास रखे कपड़ों को हटाने गई और बिजली के तार की चपेट में आ गई। बेटे ने मां को बचाने की कोशिश की लेकिन वह भी करंट की चपेट में आ गया।

संसू, जागरण, लीलापुर (प्रतापगढ़)। शुक्रवार देर शाम तेजगढ़ गांव में हुए दर्दनाक हादसे में मां-बेटे की मौत ने सभी दुखी हैं । घर मे लगे एमसीवी के पास फैलाए गए कपड़ों को मां हटाने गई और कटे तार से करंट की चपेट में आ गई। मां को बचाने में बेटे की भी जान चली गई।
पोस्टमार्टम के बाद शव गांव लाया जाएगा। इसके बाद स्वजन अंतिम संस्कार करेंगे। एक साथ दो मौत से परिवार के लोगों की आंखों से आंसू नहीं रुक रहे हैं। घर पर रात से ही स्वजन को ढांढ़स बधाने वालों का ताता लगा हुआ है। सभी इस हृदय विदारक घटना से आहत हैं । एसओ मनोज पांडेय ने बताया कि घटना दुखद है, दोनों शवों को पीएम के लिए भेजा गया है ।
मेडिकल स्टोर संचालक के घर हादसा
तेजगढ़ लीलापुर निवासी लाल पीयूष प्रताप सिंह तेजगढ़ बाजार में मेडिकल स्टोर संचालक हैं। वहां पर साथ में उनका 24 वर्षीय छोटा बेटा लाल सारांश पीयूष प्रताप सिंह भी बैठता था। शुक्रवार शाम करीब साढ़े सात बजे घर के अंदर एमसीवी के पास कपड़े हटाने के दौरान पीयूष प्रताप की पत्नी 52 वर्षीय विद्यावती सिंह अचानक करंट की चपेट में आ गईं। जोर से चीख पड़ीं तो दूसरे कमरे में रहा बेटा सारांश पहुंचा व मां को तड़पते देख बचाने के लिए उसे सीधे जाकर पकड़कर एमसीवी से दूर करना चाहा तो वह भी करंट की चपेट में आ गया।
हादसे के वक्त घर में कोई नहीं था
घर पर उस वक्त और कोई नहीं था। ऐसे में तीसरा कोई वक्त पर नहीं पहुंच सका। घटना के कुछ देर बाद पीयूष के बड़े बेटे भाजपा नेता लाल शशांक प्रताप सिंह घर पहुंचे। वह दिन में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शहर गए थे। वह दोनों को अचेत देख अवाक रह गए। मां की मौत हो चुकी थी। सारांश को आनन-फानन राजा प्रताप बहादुर अस्पताल ले जाया गया, फिर एसआरएन अस्पताल प्रयागराज ले जाने के दौरान आधे रास्ते में ही उसकी भी मौत हो गई।
पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे
परिवार की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। कुछ देर में सूचना पाकर कमोरा चौकी इंचार्ज गिरीश धर दुबे पुलिस बल के साथ पहुंचे। उन्होंने घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। देर रात तक पुलिस गांव में मौजूद रही। शशांक की शादी हो गई है। एक बहन है, वह भी शादीसुदा है। प्रभारी निरीक्षक लीलापुर मनोज पांडेय का कहना है कि हृदय विदारक हादसा है।
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