संवाद सूत्र, पट्टी : स्कूल से पढ़कर साइकिल से घर जा रही छात्रा की ट्रक से कुचलकर दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा बुधवार को दोपहर में पट्टी बाईपास पर हुआ। गम व गुस्से में डूबे स्वजनों व क्षेत्रीय लोगों ने तीन घंटे तक सड़क से शव को पुलिस को कब्जे में नहीं लेने दिया। वहां हंगामा होता रहा। पुलिस ने किसी तरह लोगों को शांत कराया।

कंधई थाना क्षेत्र के परमीपट्टी निवासी महेंद्र यादव रोजी-रोटी के सिलसिले में सऊदी अरब में रहते थे। लॉकडाउन के बाद से घर आकर खेती करते परिवार को पाल रहे हैं। उनकी सबसे बड़ी पुत्री शगुन उर्फ शेजल यादव (15) नगर के बाईपास स्थित सेंट जेबी कान्वेंट स्कूल में कक्षा आठ की छात्रा थी। बुधवार को वह दोपहर लगभग 12:45 बजे स्कूल से छुट्टी के बाद साइकिल से घर जा रही थी। इसी दौरान एलआइसी ऑफिस के सामने गलत दिशा में खड़े रेत लदे ट्रक के ड्राइवर ने अचानक दरवाजा खोल दिया। इससे गिरकर शेजल साइकिल सहित सड़क पर चली गई। इसी दौरान प्रतापगढ़ की ओर तेज रफ्तार से आ रहा गिट्टी लदा ट्रक उसे कुचलता निकल गया। उसका सिर फट गया, मौके पर ही मौत हो गई। उसके साथ रहे अन्य बच्चों ने घर पर सूचना दी तो पिता महेंद्र के साथ मां शीला देवी सहित अन्य महिलाएं यहां पहुंची। सड़क पर क्षत विक्षत शव को देख उनका कलेजा कांप उठा। कुछ ही देर में सीओ प्रभात कुमार, अतुल अंजान त्रिपाठी, उपनिरीक्षक धर्मेंद्र सिंह, पट्टी, कंधई व आसपुर देवसरा की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेना चाहे तो स्वजनों के साथ ही ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। लोग बेकाबू वाहनों पर पुलिस का नियंत्रण न होने को लेकर हंगामा करने लगे। नारे लगने लगे। माहौल गरमाने लगा। इस पर धैर्य से पुलिस सबकी बात सुनती रही व किसी तरह करीब तीन घंटे के बाद ट्रक चालकों पर कार्रवाई, पीड़ित परिवार को सरकारी मदद की सहमति पर स्वजन माने1 तब जाकर पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज सकी। ट्रक चालक जनाक्रोश से बचने के लिए खुद ही कोतवाली पहुंच गया। पटरी पर अतिक्रमण से हुई दुर्घटना

पट्टी नगर में अतिक्रमण के चलते वाहनों को पास करने को बाईपास का निर्माण कराया गया है। बाईपास के दोनों तरफ पटरियों पर रेत व गिट्टी बेचने वालों ने अतिक्रमण कर रखा है। इससे दुर्घटनाएं होती हैं। बुधवार को भी अतिक्रमण के चलते ट्रक के सड़क पर खड़ा रहा व दूसरी ओर ट्रैक्टर ट्राली खड़ी होने से छात्रा बीच सड़क पर गिरी व उस पर ट्रक चढ़ गया। मौके पर पहुंचे नगर पंचायत अध्यक्ष खेदन लाल जायसवाल ने बताया कि घटनास्थल से बाइपास तिराहे तक जितने भी मकान निर्माण हुए हैं सभी चकरोड पर हैं। इनका मुकदमा चल रहा है। महेंद्र के लिए बेटियां बोझ नहीं

माली हालत कमजोर होने के बाद भी महेंद्र यादव के लिए बेटियां बोझ नहीं थीं। बड़ी बेटी को वह अच्छे स्कूल में पढ़ा रहा था, पर काल ने उसको छीन लिया। शगुन के साथ अपशगुन हो गया। महेंद्र के पुत्र नही हैं। दूसरे नंबर की बेटी दस साल की व सबसे छोटी चार साल की है। बेटी को अफसर बनाने का उसका सपना बिखर गया।

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