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अयोध्या राम मंदिर के लिए एक करोड़ दान करने वाले सियाराम ऊमरवैश्य का निधन, प्रतापगढ़ में शोक की लहर

By rajan shukla Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Fri, 09 Oct 2026 07:51 PM (GMT+05:30)

अयोध्या राम मंदिर निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये दान करने वाले 78 वर्षीय सियाराम ऊमरवैश्य का लखनऊ के अस्पताल ...और पढ़ें

अयोध्या राम मंदिर के लिए एक करोड़ दान करने वाले सियाराम ऊमरवैश्य की फाइल फोटो।

अयोध्या राम मंदिर के लिए एक करोड़ दान करने वाले सियाराम ऊमरवैश्य की फाइल फोटो।

HighLights

  1. 78 वर्षीय सियाराम ऊमरवैश्य आरएसएस के समर्पित और निष्ठावान स्वयंसेवक थे

  2. कुछ दिनों से अस्वस्थ थे, लखनऊ के अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया  

जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़। प्रखर सनातनी, राम मंदिर निर्माण में एक करोड़ रुपये का दान देकर चर्चा में आए 78 वर्षीय सियाराम ऊमरवैश्य नहीं रहे। शुक्रवार को लखनऊ के अस्पताल में उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। सियाराम वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक समर्पित और निष्ठावान स्वयंसेवक थे। जिला संघ चालक भी रहे।

जमीन बेचकर धनराशि मंदिर निर्माण को सौंपी थी

सियाराम सेठ ने राम मंदिर को लेकर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला आने से पहले ही अक्टूबर 2018 में अपनी जमीन बेच दी थी। इसके अलावा उन्होंने अपने परिवार और रिश्तेदारों से करीब 15 लाख रुपये उधार लेकर कुल एक करोड़ रुपये की धनराशि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के काशी प्रांत को अयोध्या के राम मंदिर निर्माण के लिए सौंपी थी। 

सब राम जी का,  उनको ही अर्पण...

अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए सबसे पहले और इतनी बड़ी राशि दान करने के कारण उन्हें मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। प्रभु श्रीराम के प्रति सियाराम उमरवैश्य की अगाध आस्था थी। वह कहते थे सब राम जी का है, उनको ही अर्पण है।

सीताराम धाम बनवाया बनवाया था

प्रयागराज-अयोध्या राजमार्ग के किनारे जोगापुर में उन्होंने सीताराम धाम बनवाया था। मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के बाद उन्होंने अलग-अलग वर्षों में 'श्रम का सम्मान' नाम से कार्ड छपवाया। स्वयं कार्ड लेकर स्कूटर से निकले। साइकिल रिक्शा चालक, महरिन, कूड़ा बीनने वाली महिलाओं व कन्याओं को आमंत्रित किया। परिवार सहित जुटकर सभी को भोजन कराया और उपहार भेंट किया।

छह बच्चों के नाम देवी-देवताओं के नाम पर 

सियाराम पत्नी श्यामपति के साथ ज्यादा समय सीताराम धाम जोगापुर पर ही बिताते थे। वह इमरजेंसी में जेल भी भेजे गए थे। उन्होंने अपने छह बच्चों के नाम भी देवी-देवताओं के नाम पर (कृष्णा कुमारी, रामराज, राधा, श्याम राज, राधेश्याम, रुक्मिणी) रखा है।

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