प्रतापगढ़ में बिजली संकट, लोकल फाल्ट और ब्रेकडाउन की समस्या से उपभोक्ताओं को नहीं मिल रही निजात
प्रतापगढ़ में उमस भरी गर्मी के कारण बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। शहर से गांव तक लोकल फाल्ट और ब्रेकडाउन की समस्या से लोग परेशान हैं। 11 हजार केवी और 33 हजार केवी की लाइनों में खराबी के कारण उपभोक्ताओं को बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। भुपियामऊ रूपापुर और बाबागंज जैसे इलाकों में बार-बार ब्रेकडाउन होने से लोग परेशान हैं।

संसू, जागरण, प्रतापगढ़। उमसभरी गर्मी में शहर से लेकर गांव तक लोकल फाल्ट व ब्रेकडाउन की समस्या से लोग जूझ रहे हैं। कभी 11 हजार केवी की लाइन में तो कभी 33 हजार केवी की लाइन में खामी बनी रहती है। ऐसी करीब एक दर्जन लाइनें हैं। उमसभरी गर्मी में आए दिन उपभोक्ताओं को छह से सात घंटे बिजली गुल होने पर समस्या झेलनी पड़ रही है।
शहर में 24 घंटे और गांव में 18 घंटे विद्युत आपूर्ति का रोस्टर है, मगर बारिश में बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। शहर में शाम होने पर आए दिन ब्रेकडाउन की समस्या रहती है। भुपियामऊ पावर ट्रांसमिशन से रूपापुर व बाबागंज विद्युत उपकेेंद्र की मेन सप्लाई यानी 33 हजार केवी की लाइन एक ही है। एक ही लाइन से दोनों उपकेंद्र जुड़े हुए हैं।
गर्मी में लोड अधिक होने के कारण आए दिन ब्रेकडाउन की समस्या रहती है। इससे आधे शहर की बिजली गुल हो जाती है। वहीं, दहिलामऊ से जुड़े शिवजीपुरम, करनपुर, सगरा, मीराभवन, सेनानी नगर सहित मुहल्ले में उपभोक्ता लोकल फाल्ट की समस्या बनी रहती है। अभी हाल ही में रक्षाबंधन के पर्व के दूसरे दिन व स्वतंत्रता दिवस पर ब्रेकडाउन की वजह से उपभोक्ताओं को बिजली संकट से जूझना पड़ा था।
इधर, खाखापुर विद्युत उपकेंद्र की मेनलाइन बदहाली के चलते महीने भर में कम से कम चार से पांच बार रानीगंज से धनुहा के बीच लाइन ब्रेकडाउन में रहती है, जिसके फेर में उपभोक्ता कभी दिन तो कभी पूरी रात बिना बिजली के गुजारते हैं। खाखापुर के पश्चिमी फीडर की 11 हजार की हाईटेंशन लाइन आए दिन में ब्रेकडाउन में रहती है। ढीले विद्युत तार, बदहाल लाइन लोकल फाल्ट के चलते महीने में दर्जन भर बार यह लाइन ब्रेकडाउन में रहती है।
गौरा विद्युत केंद्र के अंतर्गत रामापुर फीडर की 11 हजार की मधवापुर जाने वाली लाइन भी महीने में आधा दर्जन से अधिक बार ब्रेकडाउन के चलते बाधित होती है। अधीक्षण अभियंता छैल बिहारी ने बताया कि जहां भी लाइनों में खामी आती है, उसे दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल कराया जाता है।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।