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    Pratapgarh News: 20 करोड़ की साइबर ठगी का पर्दाफाश, मास्टरमाइंड समेत तीन गिरफ्तार

    Updated: Fri, 11 Jul 2025 04:09 PM (IST)

    प्रतापगढ़ पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग ट्रेडिंग और लोन एप के जरिए ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 20 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का खुलासा किया है। मुख्य आरोपी अंकित पाल समेत तीनों प्रतापगढ़ के रहने वाले हैं। गिरोह 16 राज्यों में फैला हुआ था और फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल करता था।

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    पकड़े गए साइबर शातिरों के बारे में बताते एसपी डा. अनिल कुमार।- जागरण

    जागरण संवादददाता, प्रतापगढ़। ऑनलाइन गेमिंग, ट्रेडिंग एवं लोन एप के माध्यम से ठगी करने वाला अंतरराज्यीय साइबर बदमाशों का गिरोह जिले में पकड़ा गया है। इस गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार करके 20 करोड़ से अधिक की ठगी का पर्दाफाश किया है। मास्टरमाइंड अंकित पाल समेत तीनों प्रतापगढ़ के निवासी हैं।

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    साइबर अपराध करने वाले बड़े शातिराना हथकंडे अपनाते हैं, लेकिन कभी न कभी वह पकड़े ही जाते हैं। जेठवारा वीवीपुर के रहने वाले आजम अली ने पिछले महीने यह कहते हुए केस दर्ज कराया था कि उनकाे लोन दिलाने का झांसा देकर एक व्यक्ति ने उनका खाता खुलवा दिया है। अब तक लोन नहीं मिला। पूछने पर वह धमकाता है।

    पुलिस ने यह प्रकरण दर्ज करने के बाद साइबर सेल को छानबीन के लिए दे दिया। एसपी ने जांच में सर्विलांस सेल को भी लगा दिया। जब टीमों ने जांच करनी शुरू की तो आश्चर्यचकित रह गई। संबंधित बैंक खाते में लाखों का लेनदेन मिला, जबकि शिकायतकर्ता बहुत गरीब था। छानबीन आगे बढ़ी तो पता चला कि यह काम साइबर ठगों के एक बड़े गिरोह का है, जो देश के 16 राज्यों में फैला है। यह बैंक खातों का इस्तेमाल खातों से उड़ाई गई रकम के लेनदेन में करता है।

    जब राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर और खंगाला गया तो पता चला कि उक्त गिरोह से पीड़ित 55 लोगों की शिकायतें देश के अन्य राज्यों में पहले से दर्ज हैं। यही नहीं इसका मास्टर माइंड अंकित पाल प्रतापगढ़ का निकला। वह और उसके दो साथी पकड़े गए तो पूरा मामला सामने आया।

    पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि भंगवा चुंगी के अंकित के साथ उसके साथी शिवम तिवारी सगरा पूरे ओझा, अनुराग शुक्ल दहिलामऊ भी पकड़े गए हैं। उनके कब्जे से स्मार्ट मोबाइल, एटीएम, आधार कार्ड, क्यूआरकोड समेत दस्तावेज बरामद हुए हैं। अभी छानबीन गहराई से चल रही है। गिरोह के 10 सदस्य और प्रकाश में आए हैं, उनको भी पकड़ा जाएगा। गिरोह के तार यूपी के साथ महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, तमिलनाडु, तेलंगाना, ओडिशा, केरल, छत्तीसगढ़ समेत राज्यों में फैले मिले हैं।