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Pratapgarh Seat Result 2024: प्रतापगढ़ लोकसभा से सपा के शिवपाल सिंह बने सांसद, भाजपा के संगम लाल हारे, तीसरे पर रही बसपा

Pratapgarh lok sabha election 2024 Result- प्रतापगढ़ संसदीय सीट के लिए हुए रोमांचक मुकाबले में सपा प्रत्याशी डा. एसपी सिंह पटेल ने बाजी मारी। 22 चक्रों तक चली मतगणना में उनको 441932 मत मिले जबकि एनडीए के भाजपा प्रत्याशी संगम लाल गुप्ता को 375726 वोटों से ही संतोष करना पड़ा। सपा प्रत्याशी ने 66206 वोटों से जीत हासिल करते हुए इस संसदीय सीट पर 20 साल बाद साइकिल दौड़ाई।

By Shivam Yadav Edited By: Shivam Yadav Tue, 04 Jun 2024 01:12 PM (IST)
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डिजिटल डेस्क, प्रतापगढ़। Pratapgarh lok sabha Chunav Result 2024 |  प्रतापगढ़ संसदीय सीट के लिए हुए रोमांचक मुकाबले में सपा प्रत्याशी डा. एसपी सिंह पटेल ने बाजी मारी। 22 चक्रों तक चली मतगणना में उनको 4,41,932 मत मिले, जबकि एनडीए के भाजपा प्रत्याशी संगम लाल गुप्ता को 3,75,726 वोटों से ही संतोष करना पड़ा। सपा प्रत्याशी ने 66,206 वोटों से जीत हासिल करते हुए इस संसदीय सीट पर 20 साल बाद साइकिल दौड़ाई।

तीसरे स्थान पर रहे बसपा प्रत्याशी प्रथमेश मिश्र सेनानी 80,144 वोट हासिल हुए। प्रतापगढ़ संसदीय सीट के लिए 25 मई को हुए मतदान में 9,43,304 वोटरों ने वोट डाले थे। इसमें पुरुषों की संख्या 4,66,904 थी। 4,76,340 महिलाओं ने मतदान किया था। एक थर्ड जेंडर ने भी वोट डाला था।

इसके अलावा, 4082 वोट पोस्टल बैलेट से पड़े थे। तीन टेंडर वोट डाल गए थे। मंगलवार को सुबह साढ़े सात बजे पोस्टल बैलेट की गणना शुरू होनी थी। आठ बजे से ईवीएम में पड़े मतों की गिनती प्रारंभ होनी थी। यह प्रक्रिया आधे घंटे से अधिक विलंब से शुरू हुई। इसके कारण दोपहर बाद तक वोटों की गिनती चलती रही।

लोकसभा चुनाव- 2019 का परिणाम

विजयी- संगम लाल गुप्ता (436291 वोट) 

निकटतम- अशोक त्रिपाठी (318539)

अंतर- 117752

प्रतापगढ़ के चुनावी मुद्दे

संसदीय क्षेत्र प्रतापगढ़ के मुद्दों की बात करें तो यह कोई एक नहीं, अनेक हैं। आंवला किसानों को उचित मूल्य नहीं मिलता। खारा पानी मुसीबत है। ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों की दशा ठीक नहीं है। उद्योग नहीं हैं। रोजगार के अवसर के लाले पड़े हैं। बड़ी संख्या में लोग सूरत, मुंबई, दिल्ली, पंजाब, कानपुर में रोजी रोटी के लिए हैं। उच्च शिक्षा संस्थानों की भारी कमी है। ऐतिहासिक स्थल उपेक्षित हैं। पर्यटन के नक्शे पर इसे उभारा नहीं जा सका है। 

प्रतापगढ़ लोकसभा सीट का परिचय

प्रतापगढ़ (Pratapgarh Lok Sabha) को अवध क्षेत्र का प्रवेश द्वार माना जाता है। आजादी के आंदोलन में भी इस क्षेत्र का बड़ा नाम रहा है। यहां से कई साहित्यकार, धर्माचार्य, अधिवक्ता निकले। राजनीति में यहां से निकले कई चेहरे पूरे देश में चमके। संसदीय क्षेत्र कभी कांग्रेस का गढ़ था। 

कालाकांकर राजघराने से राजा रामपाल सिंह कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में थे। इसी राजघराने के राजा दिनेश सिंह कांग्रेस से सांसद व विदेश मंत्री तक बने। दिनेश सिंह की बेटी राजकुमारी रत्ना सिंह भी तीन अलग-अलग चुनावों में कांग्रेस से सांसद बनीं, हालांकि मौजूदा समय में वह भाजपा में हैं। 

इस बार कांग्रेस यहां सीधे मुकाबले में नहीं है। वह सपा के साथ गठबंधन में है। बसपा अकेले लड़ रही है। मायावती, प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल और उनकी पार्टी के अन्य नेता यहां आ चुके हैं। 

कभी जौनपुर तक था फैलाव 

कभी प्रतापगढ़ संसदीय सीट का फैलाव जौनपुर तक था। 2009 के पहले रानीगंज और पट्टी विधानसभा क्षेत्र के मतदाता मछलीशहर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा होते थे। परिसीमन के बाद यह दोनों विधानसभा क्षेत्र प्रतापगढ़ संसदीय क्षेत्र में आ गए। हालांकि, कुंडा और बाबागंज कटकर कौशांबी लोकसभा क्षेत्र में जुड़ गए।