हिंदू लड़की को प्रेमजाल में फंसाया, मंदिर में शादी की कोशिश की, प्रतापगढ़ में 'लव जिहाद' का पर्दाफाश
प्रतापगढ़ के बेल्हा देवी मंदिर में एक हिंदू युवती को जबरन मुस्लिम बनाने की साजिश नाकाम कर दी गई। प्रयागराज से आए मतलूब नामक युवक पर आरोप है कि उसने युवती को प्यार के जाल में फंसाकर शादी करने और फिर मतांतरण कराने की योजना बनाई थी। हिंदू संगठनों ने मौके पर पहुंचकर युवती को बचाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़। लैंड जिहाद, थूक जिहाद, लव जिहाद। इस तरह के जिहादी दलदल में अनजान लोग फंसते रहते हैं। खासकर लव जिहाद में फंसने वाली लड़कियों को शुरू में कुछ समझ में नहीं आता। जब समझ में आता है, तब तक सारे रास्ते बंद हो चुके होते हैं। जिले में मिले केस साफ बताते हैं कि ऐसे लोगों के जाल में फंसे तो मतलब हंसती-खेलती जिंदगी बर्बाद।
शनिवार को बेल्हा देवी मंदिर में पकड़ा गया मामला इसी का एक उदाहरण रहा। प्रयागराज से आकर प्रतापगढ़ के मंदिर में हिंदू युवती से शादी करने का यह मामला जितना दिख रहा है, उससे कई गुना बड़ा है। इस रैकेट के निशाने पर में वही एक युवती नहीं थी...कई लड़कियां थीं।
बड़ी के बाद छोटी बहन पर भी आरोपित मतलूब की नजर थी। यही वजह रही कि वह दोनों को साथ लेकर आया था। बड़ी से खुद शादी करता और बाद में छोटी किसी और छांगुर को सौंप देता। यह तो संयोग अच्छा रहा कि धाम के पुजारी रघु पंडा के साथ ही विहिप व बजरंग दल की टीम पहुंच गई।
मनीष रावत के साथ ही हिंदूवादी विजय सिंह बजरंगी, नवीन पाल, अनुराग सिंह, रमेश सिंह पटेल, राहुल उपाध्याय, मनीष सिंह, अरविंद सिंह, शुभम सिंह आदि ने युवक व पीड़िता से कई सवाल किए। इसके बाद युवती ने खुलकर कहा कि यह जबरन इस्लाम स्वीकार करवाने में लगा था। धमकी देता था।
प्यार के जाल में फंसाया था। शादी के बाद यह जरूर मुझे मुस्लिम बना देता। मुझे पता भी नहीं था कि यह हिंदू नहीं था। यही नहीं उसने छोटी बहन को भी साथ लेकर आने को कहा था। प्रयागराज में इसलिए शादी का प्लान नहीं बनाया कि कहीं कोई पहचान न ले।
एक नहीं, समाज में कई छांगुर
हिंदू लड़कियों समेत समाज के अन्य गरीब, अनजान लोगों का मतांतरण करने वाला एक ही छांगुर नहीं है। उस तरह के कई छोटे-बड़े छांगुर समाज में अपना जाल फैलाए हुए हैं। पुलिस ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई भी कर रही है, जेल भी भेज रही है। अभी हाल ही में कंधई के एक केस में निकाह करवाने वाले मौलवी समेत सात को सलाखों के पीछे धकेला गया था।
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