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    ..है काम आदमी का औरों के काम आना

    By JagranEdited By:
    Updated: Sun, 13 Jun 2021 10:06 PM (IST)

    राज नारायण शुक्ल राजन प्रतापगढ़ अधिकार फिल्म का यह गाना जीना तो है उसी का जिसने ये राज

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    ..है काम आदमी का औरों के काम आना

    राज नारायण शुक्ल राजन, प्रतापगढ़ : अधिकार फिल्म का यह गाना 'जीना तो है उसी का जिसने ये राज जाना, है काम आदमी का औरों के काम आना..' भले ही किसी परिपेक्ष्य में फिल्माया गया है, लेकिन विश्व रक्तदाता दिवस पर भी मौजू है। किसी के काम आना सबसे बड़ा धर्म है और रक्तदान कर जिले के कई युवा इस धर्म को बखूबी निभा रहे हैं। जब कभी अपनों का ब्लड मैच नहीं होता और बैंक में जरूरत का ब्लड नहीं होता, तब जिले के यह महादानी मरीज की बिना जाति, मजहब पूछे रक्त देने व दिलाने में लग जाते हैं। कुछ ने संगठन बनाकर इस मिशन को विस्तार दिया है तो कुछ ने निजी तौर पर जारी रखा है।

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    मरीज जहां, दाता पहुंचता है वहां

    फोटो 13 पीआरटी 12

    दूसरे प्रदेश तक में मरीज की जान बचाना रक्तदान संस्थान की पहचान बन चुका है। प्रतापगढ़ के सामाजिक कार्यकर्ता निर्मल पांडेय की छोटी सी शुरुआत अब देश के तमाम हिस्सों को कवर कर रही है। संस्था के रक्तदाता मरीज के पास जाकर निश्शुल्क खून देते है। इनके सदस्यों के मोबाइल नंबर इंटरनेट मीडिया पर हैं। कोरोना काल में इस संस्था के सदस्यों ने खून देकर सैकड़ों लोगों की जान बचाने का काम किया। निर्मल का कहना है कि युवाओं को प्रेरित करके रक्तदान कराते हैं, ताकि असहायों की जान बचाई जा सके।

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    क्या है इंसानियत, सीखें इनसे

    फोटो 13 पीआरटी 13, 14, 14, 15

    रेल विभाग में चालक संजय पांडेय की पहचान रक्तदाता के रूप में है। वह 42 बार रक्तदान कर चुके हैं। अगर किसी मरीज ने मांगा तो उसे देते हैं, नहीं तो ब्लड बैंक में नियमित अंतराल में देते रहते हैं, ताकि किसी जरूरतमंद के काम आ सके। दर्जनों बार रक्तदान करने वालों में चिलबिला के अजय गुप्ता, घनश्याम वैश्य, रानीगंज थाने के सिपाही रवि सिंह समेत कई लोग हैं।

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    अंतिम सांस तक ब्लड डोनेशन

    फोटो 13 पीआरटी 16

    कहते हैं कि इंसान के गुजर जाने के बाद भी उसकी अच्छाइयां यादों में जीवित रहती हैं। ऐसे ही नेक इंसान थे चिलबिला के मनोज ऊमरवैश्य। वह दो दर्जन बार रक्तदान किए थे। दर्जनों युवाओं व अपनी पत्नी कमलेश को भी प्रेरित करके रक्तदाता बनाया। दुर्भाग्य रहा कि कोरोना ने इस उत्साही युवा को हमसे छीन लिया। वह संक्रमित होने के पहले तक रक्तदान किए थे।