प्रतापगढ़ : आईसीएसई बोर्ड की हाईस्कूल की परीक्षा में नेशनल पब्लिक स्कूल की अर्चिता श्रीवास्तव जिले की टॉपर रही। उसे 99.1 प्रतिशत अंक मिले हैं। इसी प्रकार इंटर की परीक्षा में प्रभात एकेडमी के शास्वत मिश्रा व आयुष्मान त्रिपाठी जिले के टॉपर बने। दोनों को 91.8 प्रतिशत अंक मिले। शनिवार को परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद छात्र-छात्राओं की खुशी का ठिकाना न रहा। स्कूल में बच्चों को मिठाई खिलाकर खुशी मनाई गई।

आइसीएसई बोर्ड के जिले में सिर्फ दो स्कूल हैं। प्रभात एकेडमी और नेशनल पब्लिक स्कूल। परिणाम आने पर हाईस्कूल में नेशनल पब्लिक स्कूल की अर्चिता श्रीवास्तव ने सर्वाधिक 99.1 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले की टॉपर बनी। दूसरे स्थान पर इसी स्कूल की ऐश्वर्य सिंह को 97.7 प्रतिशत अंक मिले। तीसरे स्थान पर इसी स्कूल की खुशी त्रिपाठी को 96.8 व प्रभात एकेडमी की मिली केसरवानी को 96.8 प्रतिशत अंक मिले। नेशनल पब्लिक स्कूल के सिद्धार्थ कुमार को 89.5 प्रतिशत अंक मिले। इसी प्रकार प्रभात एकेडमी के अक्षत सिंह को 96.16, हर्षवर्धन, खुशी कुमार व सुभांशु को 95.16, अंदी सोमवंशी व भार्गवी पांडेय को 94.5,वासुदेव त्रिपाठी को 94, आयुष्मान सिंह को 92 तथा आकृति श्रीवास्तव को 91.5 प्रतिशत अंक मिले। इसी प्रकार इंटर की परीक्षा में प्रभात एकेडमी के शास्वत मिश्रा व आयुष्मान त्रिपाठी 91.8 प्रतिशत अंक पाकर जिले के टॉपर बने। दूसरे स्थान पर इसी स्कूल के देवेश सिंह व शिखर प्रताप सिंह को 91.2 प्रतिशत अंक मिले। तीसरे स्थान पर इसी स्कूल के आदित्य शर्मा रहे। इन्हें 90.6 प्रतिशत अंक मिले। इसी स्कूल की इंटर की बालिकाओं में फारेस्ट रेंजर फतेहबहादुर खान की बेटी सानियां को 90.4, प्रिया सावंत को 89.6, संस्कृति शुक्ला व शबनम बानों को 89.2, पूर्णिमा सिंह व खुशी सिंह को 88.4 तथा प्राची सिंह को 87.4 प्रतिशत अंक मिले।

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डाक्टर बनना चाहती है शिक्षक की बेटी अर्चिता

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संसू, प्रतापगढ़ : नेशनल पब्लिक स्कूल की हाईस्कूल की छात्रा अर्चिता आगे चलकर डाक्टर बनना चाहती है। उसके पिता विजय कुमार श्रीवास्तव राहाटीकर इंटर कालेज में शिक्षक हैं। शहर के आवास विकास कालोनी निवासी अर्चिता का कहना है कि यदि परीक्षा होती तब भी उसे 90 फीसदी से अधिक अंक मिलते। उसका कहना है कि बचपन से ही उसकी इच्छा डाक्टर बनने की है। इसी प्रकार प्रभात एकेडमी के इंटर के टॉपर शास्वत मिश्रा के पिता राजेश मिश्र प्राइमरी स्कूल के शिक्षक हैं। शास्वत आगे चलकर आइएएस बनकर देश की सेवा करना चाहता है। उसका कहना है कि परीक्षा होती तो भी उसे इसी तरह के अंक मिलते। इसी प्रकार आयुष्मान त्रिपाठी के पिता योगेश त्रिपाठी एक फाइनेंस कंपनी में काम करते हैं। योगेश भी आगे चलकर आइएएस बनना चाहता है।

Edited By: Jagran