पीलीभीत : टाइगर रिजर्व का पर्यटन सीजन चल रहा है। जंगल के अंदर देश-विदेश से आने वाले टूरिस्ट सैर कर प्राकृतिक सुंदरता का आनंद उठा रहे हैं। पर्यटन सीजन चलने के बावजूद एक भी एक्सप्रेस ट्रेन की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसी कारण देश के विभिन्न भागों से टूरिस्ट नहीं आ पा रहे हैं। इस दिशा में रेल विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।

नौ जून 2014 को पीलीभीत टाइगर रिजर्व की स्थापना की गई थी। टाइगर रिजर्व पांचवां पर्यटन सीजन मना रहा है। जनपद में बड़ी लाइन की ट्रेन 16 दिसंबर 2016 को संचालित की गई थी। पीलीभीत से टनकपुर तक ट्रेन अप्रैल 2018 में शुरू की गई थी। बड़ी लाइन की ट्रेन होने की वजह से एक्सप्रेस ट्रेन की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। टाइगर रिजर्व का पर्यटन सीजन 15 नवंबर को शुरू किया जा चुका है। जंगल की सैर करने के देश और विदेश से टूरिस्ट जंगल की सैर कर धन्य मान रहे हैं। एक्सप्रेस और मेल ट्रेन न होने की वजह से टूरिस्टों को पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में टूरिस्ट सड़क मार्ग से आने के लिए बाध्य हो रहे हैं। अगर एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन शुरू हो जाए, तो देश के कोने-कोने से टूरिस्ट आ सकेंगे। ऐसा होने से हर कोई जंगल की सैर कर सकेगा। अभी पीलीभीत से टनकपुर तक चार जोड़ी पैसेंजर गाड़ियों को चलाया जा रहा है, जिसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। रेलवे स्टेशन से रोजाना डेढ़ लाख रुपये की आमदनी हो रही है। 11 हजार पैसेंजर ट्रेन से सफर कर रहे हैं। इज्जतनगर मंडल के डीआरएम के पीआरओ राजेंद्र ¨सह ने बताया कि अभी एक्सप्रेस ट्रेन चलने की दिशा में कोई जानकारी नहीं आई है। आदेश आने के बाद अवगत कराया जाएगा।

न्यूरिया स्टेशन से पांच किमी दूर है महोफ

टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज के गेट नंबर एक से टूरिस्टों को जंगल सैर करने के लिए अनुमति दी जाती है। पीलीभीत-टनकपुर रेलखंड के न्यूरिया हुसैनपुर स्टेशन से महोफ गेट करीब पांच किलोमीटर की दूरी पर है। अगर एक्सप्रेस ट्रेन चल जाए, तो टाइगर रिजर्व के महोफ गेट तक टूरिस्ट आसानी से पहुंच सकेंगे।

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