माधोटांडा (पीलीभीत) : शारदा नदी ने रमनगरा भुजिया में 20 साल पुरानी बनी पत्थर की ठोकरों को निशाने पर लेकर चार ठोकरों को क्षतिग्रस्त कर आगोश में ले लिया है। नदी लगातार कृषि भूमि का कटान करते हुए आबादी की ओर बढ़ रही है। नदी से सटे किसान झोपड़ीनुमा घर को हटाने लगे हैं। उधर अभियंताओं की ओर से भुजिया में कार्य न कराने को लेकर किसानों ने प्रदर्शन कर आक्रोश व्यक्त किया।

पहली बरसात के बाद शारदा का जलस्तर बढ़ते ही नदी ने रमनगरा भुजिया को अपने निशाने पर ले लिया था। बाढ़ खंड द्वारा कार्य कराने को बनाए गए योजना स्थल को क्षतिग्रस्त कर निगल लिया था। इसके बाद नदी लगातार भुजिया की ओर बढ़ने लगी। 20 साल पहले कटान रोकने को बनाई गई पत्थर की विशाल ठोकरों को भी नदी ने एकाएक कर निकलना शुरू कर दिया। भुजिया में बनी पत्थर की ठोकरों में नदी ने चार ठोकरों को काट लिया। नदी लगातार कटान करती हुई कृषि भूमि की तरफ बढ़ रही है। नदी जो¨गदर कौर के खेत का कटान कर रही है। कटान की स्थिति देख कृषक प्रभात राय ने अपनी झोपड़ीनुमा घर को खाली करना शुरू कर दिया है। वह अपने सामान को गांव के मनरेगा भवन में ले जा रहे हैं। बचाव कार्य के नाम पर बाढ़ खंड के अभियंताओं द्वारा खानापूरी करने से भुजिया के किसानों में काफी आक्रोश फैल गया। रविवार को भुजिया के किसानों ने बाढ़ खंड के अभियंताओं के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों में जस्सा ¨सह, प्रकट ¨सह, अमरीक ¨सह, सुख¨वदर ¨सह, गुरमेल ¨सह, नवनीत ¨सह, दिलबाग ¨सह, रंजीत ¨सह आदि किसान हैं।

Posted By: Jagran

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